बाट जे पूछेला बटोहिया, ई दल कहवां जाए, तूं आन्हर रे बटोहिया ई दल सूरज बाबा के जाए...., कोपि-कोपि बोलेली छठ माता सुनुए सेवक लोग...ले ले अईह हो भईया गेहूं के मोटरिया...,उग हो सुरूज देव..., कांचे ही बांसा के बहंगिया बहंगी लचकत जाए....एवं केरवा पे फरेला घवध से ओ पे सुगा मंडराय...जैसे गीतों को गाते हुए राजधानी में पूर्वांचलियों ने यमुना नदी समेत अनेक स्थानों पर छठ पूजा के मौके पर बृहस्पतिवार को डूबते सूर्य को अघ्र्य दिया। इस अवसर पर कई स्थानों पर मेले का भी आयोजन किया गया।
छठ पूजा : डूबते सूर्य को पहला अर्ध्य देकर मांगी मनोकामना
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छठ पर्व के तहत आस्था, श्रृद्धा और विश्वास के साथ लाखों श्रद्धालुओं ने बुधवार को डूबते सूर्य को पहला अघ्र्य दिया। राजधानी में यमुना नदी के दोनों किनारों समेत सैकड़ों स्थानों पर श्रद्धालु जमा हुए और पूजा की। खरना के बाद व्रतियों ने बृहस्पतिवार को उपवास रखते हुए शाम को अस्तचालगामी सूर्य को पानी में खड़े होकर प्रणाम किया। तत्पश्चात अघ्र्य के रूप में पूजन सामग्री भावनात्मक रूप से उन्हें समर्पित की। महिलाओं के सिरों पर अघ्र्य के सामान से भरी टोकरियां रखी हई थी। इस दौरान बच्चों का उत्साह तो स्वयं में देखने योग्य था।
लाखों श्रद्धालुओं की टोली दोपहर बाद गाजे-बाजे के साथ यमुना नदी स्थित पुराना यमुना पुल, कुदसिया घाट, गीता कालोनी, बस अड्डा, चंदगी राम अखाड़ा, वजीराबाद घाट आदि घाटों के अलावा भलस्वा झील, जहांगीरपुरी, कालिदी कुंज, नरेला, उत्तम नगर, डाबड़ी, ककरौला, बदरपुर, सरिता विहार, आश्रम, जैतपुर, संगम विहार, देवली, महरौली, पालम, महावीर एंकलेव, इंद्रप्रस्थ एक्सटेंशन, नांगलोई, सुलतानपुरी, मंगोलपुरी आदि इलाकों के साथ-साथ पश्चिम यमुना नदी के किनारों के लिए छठ पर्व से जुड़े गीत गाते हुए निकलनी शुरू हुई। यमुना नदी स्थित घाटों पर डैक पर बज रहे भोजपुरी संगीत पर लोगों ने जमकर नृत्य किया।
सायंकाल सूर्य को अघ्र्य देने के बाद शुक्रवार की सुबह सूर्य को अघ्र्य देने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने छठ घाटों पर डेरा डाल लिया। वह घाटों पर पूरी रात रहेंगे, घाटों पर दीप व बिजली की चाइनीज लडिय़ों की रोशनी की गई है। इतना ही नहीं, देर सायं श्रद्धालुओं ने जमकर पटाखे छोड़े।
सूर्यदेव को अघ्र्य देने सिल्कसाड़ी में मेमसाहब भी पानी में उतरी
चमचमाती कार इंडिया गेट के पास अचानक आकर रूकी और उसमें से छठ का प्रयसाद लिए बाबू साहब के साथ सिल्कसाड़ी में मैडम भी उतरीं। इंडिया गेट की बोटिंग झील के किनारे खड़ी मेमसाहब और बच्चे श्रद्धा से पश्चिम की तरफ हाथ जोड़कर खड़े रहे। यमुना नदी के किनारों में पर छठ पर्व के मौके पर बृहस्पतिवार को सूर्य को अघ्र्य देने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में जमे हुए थे, वहीं देश के सबसे वीआईपी क्षेत्र इंडिया गेट के पास बोट क्लब में जमा पानी में खड़े होकर अघ्रा्य देने के लिए वीआईपी लोगों का जमावड़ा रहा। केंद्र सरकार में उच्च पदों पर कार्यरत पूर्वांचल के अधिकारी अपने परिवार समेत कारों में शाम को सूर्य के छिपने से काफी पहले आने शुरू हो गए थे। इसके अलावा पंडारा रोड स्थित पुलिस कालोनी में रह रहे पूर्वांचल निवासी दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी अपने परिजनों के साथ पहुंचे। इस दौरान अधिकारी एवं उनकी पत्नी और अन्य परिजन पूरी तरह सजकर आए।