किराड़ी में कपड़ा गोदाम के कारण पूरी इमारत आग के ढेर पर थी, पर वहां एक भी अग्निशमन यंत्र मौजूद नहीं था। दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया कि करीब तीन साल पहले इलाके में ही रहने वाले विनय कटियार ने अमरनाथ से ग्राउंड फ्लोर किराए पर लेकर यहां गोदाम बनाया था। विनय यहां कपड़ा लाकर भरता और बाद में उसे दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाता। गोदाम में कपड़ा ढूंस-ढूंसकर भरा था।
किराड़ी अग्निकांडः न जाती इतनी की जान, अगर होता इमारत में यह इंतजाम
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इसके बावजूद, यहां आग बुझाने वाला सिलिंडर तक नहीं था। गोदाम में ही बिजली का मीटर भी लगा हुआ था। आशंका है कि वहां शॉर्ट सर्किट की वजह से कपड़े में आग लगी। इसके बाद वह ऊपर तक पहुंच गई और बड़ा हादसा हो गया। बिल्डिंग में आने और जाने का एक ही रास्ता था, ऐसे में किसी को भी बच निकलने का मौका नहीं मिला।
दिसंबर में ही आग से अब तक 58 मौतें
आग लगने की घटनाएं अक्सर गर्मियों में ज्यादा होती हैं, लेकिन इस वर्ष दिसंबर में ही आग की तीन बड़ी घटनाएं हुईं। इनमें अब तक कुल 58 लोगों की मौत हुई है। तीनों हादसे रिहायशी इलाके में चल रही अवैध गतिविधियों व बिल्डिंग निर्माण दोष के कारण हुए। अनाज मंडी और किराड़ी में फैक्टरी व गोदाम अवैध थे। प्रशासन इसकी सुध लेता तो शायद हादसे नहीं होते।
8 दिसंबर को अनाज मंडी इलाके में हुए हादसे में उसी दिन 43 लोगों की मौत हो गई थी और 21 लोग बुरी तरह जख्मी थे। बाद में इलाज के दौरान तीन और लोगों की मौत हो गई। दूसरी ओर 14 दिसंबर को शालीमार बाग इलाके में पांच मंजिला इमारत में आग लगी तो वहां तीन महिलाओं की मौत हुई और चार जख्मी हो गए। अब किराड़ी में नौ लोगों की मौत हुई, जबकि तीन जख्मी हुए। इस माह अग्निकांड 58 जिंदगियां लील चुके हैं और 25 लोग झुलसे हैं।
पुलिस ने सोमवार को 7 लोगों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार को सौंप दिए हैं। मामले में 285 और 304ए (आग लगने के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण रखने और लापरवाही से मौत) के मामले दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- एसडी मिश्रा, रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त