हादसे को भूल नहीं पा रहा नन्हा कृष्णा, खौफ में बिती पूरी रात
ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-2 से पांच वर्षीय बच्चे का सोमवार शाम अपहरण करने वाले बदमाश सघन पुलिस चेकिंग के कारण जिले की सीमा पार नहीं कर पाए। अपहरणकर्ता सोमवार रात एक बजे बच्चे को तिलपता मोड़ के पास सूरजपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र की तरफ एक निर्माणाधीन परिसर के पास फेंककर फरार हो गए। मजदूरों ने रात भर बच्चे को पास रखा और सुबह साढ़े सात बजे परिजनों के पास घर पहुंचा दिया। वहीं, चलती कार से फेंके जाने पर बच्चे के हाथ-पांव छिल गए हैं।
हादसे को भूल नहीं पा रहा नन्हा कृष्णा, खौफ में बिती पूरी रात
पुलिस के अनुसार, आशीष कमल होंडा सीएल कंपनी में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। डीपीएस में पढ़ने वाला बेटा कृष्णा (5) सोमवार शाम घर के नजदीक पड़ोसी बच्चों संग खेल रहा था। करीब 7:45 बजे काली पल्सर बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाश कृष्णा के मुंह पर हाथ रखकर उसे उठा ले गए थे। साथ खेल रहे बच्चों ने तुरंत उसके परिजनों को सूचना दी। परिजनों द्वारा 100 नंबर में फोन करने पर तुरंत ही जिले भर में विशेषकर सीमाओं पर चेकिंग शुरू कर दी गई।
हादसे को भूल नहीं पा रहा नन्हा कृष्णा, खौफ में बिती पूरी रात
एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह, एसपीआरए संजय कुमार यादव समेत सीओ, एसओ मौके पर पहुंचे। वहीं, जिले भर में पुलिस अलर्ट हो गई। कड़ी चेकिंग के चलते बदमाशों को जिले से बाहर जाने का मौका नहीं मिला और बदमाश बच्चे को सूरजपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र में निर्माणाधीन परिसर के पास चलती कार से फेंककर फरार हो गए। सोमवार रात आशीष कमल ने अज्ञात लोगों पर बेटे का अपहरण करने की शिकायत दर्ज कराई थी।
हादसे को भूल नहीं पा रहा नन्हा कृष्णा, खौफ में बिती पूरी रात
बदमाशों द्वारा तिलपता के पास सूरजपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित निर्माणाधीन परिसर में चलती कार से फेंका गया कृष्णा खौफ में ढाई घंटे तक वहीं छुपकर बैठा रहा। एक बजे रात में अंधेरे में बच्चा दम साधकर बस माता-पिता तक सलामती तक पहुंचने की प्रार्थना करता रहा। वहीं, परिजन रात भर पुलिसकर्मियों संग शहर भर में उसे ढूंढ रहे थे। सुबह लौटे बच्चे ने परिजनों को बताया कि रात लगभग एक बजे के आसपास उसे अपहरणकर्ता फेंक गए थे।
हादसे को भूल नहीं पा रहा नन्हा कृष्णा, खौफ में बिती पूरी रात
डर से सहमा कृष्णा साइट के अंदर जाकर एक जगह जाकर छुप गया। करीब 3:30 बजे वहां साइट पर काम करने वाले मजदूरों की जब उस पर नजर पड़ी तो उन्होंने उसे पास बुला लिया। लोगों को देखकर पहले तो वह सहम गया। मजदूरों ने जब प्यार से बच्चे से उसका हाल पूछा तब उसकी जान में जान आई। इसके बाद उसने आपबीती बताकर घर का पता बताया। मजदूर जब सुबह उसे लेकर घर पहुंचे परिजनों के चेहरे पर रौनक आई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस अधिकारियों को बच्चा मिलने की जानकारी दी।