प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु पुलकित महाराज पिछले कुछ सालों में कई बार बरेली आ चुका था। यहां वह जितना भी समय ठहरता था, उसकी चरण वंदना और उससे आशीर्वाद लेने के लिए प्रशासन के अफसरों के साथ भाजपा के बड़े नेताओं का तांता लगा रहता था, लेकिन सोमवार को नजारा कुछ अलग था। अफसरों से निगाहें मिलाने से भी वह कतराता रहा। बातचीत और पूछताछ के दौरान अफसर भी चुटकी लेने से नहीं चूके।
इशारा होते ही कथक गुरु के आगे नाचने लगती थी नौकरशाही, ऐसा था पुलकित महाराज का रुतबा
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली/बरेली
Updated Tue, 02 Oct 2018 09:30 AM IST
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