सुल्तानपुरी कांड में आरोपियों के इस खुलासे को चश्मदीद ने नकार दिया है कि कार में तेज आवाज में म्यूजिक बजने की वजह से उनलोगों को कार में युवती के फंसे होने की जानकारी नहीं मिल पाई। दूध का काम करने वाले चश्मदीद ने साफ तौर पर कहा कि कार के बाहर से तेज आवाज आ रही थी, अंदर से नहीं।
चश्मदीद ने बताया कि वह देर रात 3.18 बजे कंझावला में दूध की गाड़ी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उसने एक कार आते हुए देखी। जिसके पहिए के पास से आवाज आ रही थी। उसने देखा कि कार के पहिए के पास एक शव लटक रहा था। कार कुतुबगढ़ की ओर जा रही थी। उसने तुरंत पुलिस को इस बात की जानकारी दी और अपनी स्कूटी से कार का पीछा करने लगे। सौ मीटर आगे पुलिस चौकी को देखकर आरोपी ने अपनी कार को यूटर्न कर लिया।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
चश्मदीद ने बताया कि इस दौरान कार में कोई म्यूजिक नहीं बज रहा था और कार की स्पीड करीब 20 से 30 की थी। इसी बीच पुलिस कर्मियों का उनके पास फोन आया। पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछा कि शव कफन में है क्या। उसने बताया कि कार के नीचे शव फंसा है। उसके बाद कार सवारों ने सलासर के पास जाकर एक बार फिर कार को यूटर्न कर कंझावला की ओर जाने लगे। उन लोगों ने शव को ज्योति गांव के पास सड़क पर फेंककर रोहिणी की ओर फरार हो गए।
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Delhi case
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घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने वहां पहुंचकर शव को कब्जे में कर लिया। चश्मदीद ने बताया कि उसके बाद वह अपने काम में लग गया। अगले दिन उसे दोस्तों से घटना के बारे में पता चला। उसने दोस्तों को बताया कि रात में उसने कार के नीचे शव को फंसे देखकर पुलिस को सूचना दी थी। सोमवार को उसे पुलिस ने थाने में बुलाया था। जहां उन्होंने रात में जो कुछ भी देखा था सब कुछ पुलिस को बता दिया।
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Delhi case
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युवती के शरीर की शायद ही कोई ऐसी हड्डी बची हो जो न टूटी हो। एक पैर भी गायब था। दूसरा पैर पूरी तरह टूटकर घूम चुका था। पीठ में रगड़ लगने से शरीर में गड्ढा हो गया था। पीछे की ओर से शरीर के अंदरूनी अंग भी गायब थे। माना जा रहा है कि युवती के शव और उसके कपड़ों के हिस्से सुल्तानपुरी से जोंटी गांव तक फैल गए। घटना के बाद युवती के शव को करीब 13 किलोमीटर तक घसीटते हुए ले जाने की अमानवीय घटना का सोमवार को एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया।
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kanjhawala girl accident
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पुलिस की एक टीम रविवार को सुल्तानपुरी से घटनास्थल तक जांच के लिए पहुंची। पुलिस ने इस दूरी के दौरान मौके से अवशेष जुटाए। दिल्ली को दहला देने वाली यह घटना उस समय सामने आई है जब नए साल के जश्न को लेकर पूरी दिल्ली पुलिस यहां तक दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा सड़कों पर थे। यह देश की सबसे बड़ी दर्दनाक सड़क दुर्घटना बताई जा रही है।