दिल्ली-मथुरा ईएमयू में 22 जून को हुए जुनैद हत्याकांड में घायल शाकिर अभी भी एम्स में भर्ती है। हालांकि, उसकी हालत में सुधार है लेकिन शाकिर की पत्नी रूबी परेशान है। रूबी न तो बोल पा रही है और न सो पा रही है। बिस्तर पर बेसुध बैठी रहती है। ईद के मौके पर उसने नमाज पढ़ी और अल्लाह से शाकिर के ठीक होने की दुआ मांगी। वो बस यही कह रही है, उसे ईदी नहीं चाहिए। शाकिर ठीक हो जाए वही उसके लिए ईदी है। पांच साल पहले शाकिर और रूबी की शादी हुई थी। रूबी आलमपुर (धौज) की रहने वाली है। उसके चार साल का बेटा हबीबुल्ला और एक साल की बेटी राफिया है।
आखिर झलक पड़ा जुनैद की भाभी का दर्द, ईद पर बच्चों की सूनी आंखों ने किया बेबस
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दोनों बच्चे अपने पिता शाकिर से मिलने की जिद कर रहे हैं। जैसे-तैसे रूबी उन्हें मनाती है। ईद के मौके पर बेटे हबीबुल्ला ने मां से नए कपड़े पहनने की जिद की है। बाल हठ देख रूबी को गमगीन माहौल में भी बेटे की जिद माननी पड़ी। बातचीत में रूबी की आंखों से आंसू निकल पड़े। रूबी ने बताया कि पिछली ईद पर शाकिर ने उसे हाथ की घड़ी और अंगूठी दी थी। घर में खीर, सिवइयां, मिठाई बनी थीं। परिवार के सभी सदस्यों ने नए कपड़े पहने थे। लेकिन सिरफिरों ने उसकी खुशियां छीन ली। उसे ईद पर उपहार नहीं, सिर्फ शाकिर चाहिए। शाकिर ठीक हो जाए, यही अल्लाह से दुआ है।
बहन को बिना ईदी दिए चला गया
10 साल छोटा भाई जुनैद अब दुनिया में नहीं है, इसका विश्वास अभी भी बहन राबिया को नहीं हो रहा। राबिया कहती है, उसे अभी भी लगता है कि जुनैद आएगा और अपनी बहन को ईद की मुबारकबाद कहते हुए उपहार देगा। राबिया सात भाइयों में सबसे बड़ी है। जुनैद जब नूंह स्थित एक मदरसे में मौलवी की तालिम ले रहा था, तब हर जुमे की नमाज को उसके घर आता था। अपने भाई के आने की खुशी में राबिया उसका पसंदीदा नमकीन चावल बनाती थी।
10वीं पास राबिया सालाहेड़ी (नूंह) स्थित एक मदरसे में आलिया (शिक्षक) हैं। वह औरतों को शिक्षित करने का काम करती है। भाई की मौत ने उसे तोड़ दिया है। राबिया रह-रहकर दोषियों को पकड़ने की बात कहती है। बताया, वह सभी भाइयों से प्यार करती है। लेकिन जुनैद छोटा था, इसलिए ज्यादा प्यारा था। वह बहुत जिद करता था। बातों-बातों में राबिया के आखें भर्र आइं। बताया, सदर बाजार जुनैद उसके लिए चप्पल लेने गया था।
जाने से पहले कहा था बहन इस बार ईद पर अच्छी वाली चप्पल दूंगा। वह भी अपने छोटे भाई के लिए कुर्र्ता-पायजामा सिलवाकर लाई थी। राबिया ने बताया कि जुनैद कहता था कि वह बड़ी मस्जिद का इमाम बनूंगा। वह पढ़ाई में अव्वल आता था। उसे पूरा कलाम पाक याद था।