95% अक्षम इस छात्र के सम्मान में JNU में विशेष दीक्षांत समारोह
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक बहुत ही खास दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था जिसे वाइस-चांसलर के कार्यालय में ही संपन्न किया गया।
95% अक्षम इस छात्र के सम्मान में JNU में विशेष दीक्षांत समारोह
आप सोचेंगे कि दीक्षांत समारोह वीसी के दफ्तर में कैसे हो सकता है तो हम बता दें कि ये बहुत ही खास छात्र के लिए आयोजित किया गया था। हालांकि जब जेएनयू के वीसी एसके सोपोरी उस इस खास छात्र को डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान कर रहे थे तो ये अपने आप में बताने के लिए काफी था कि यहां अस्वस्थ शरीर पर दिमाग की जीत हो रही थी।
95% अक्षम इस छात्र के सम्मान में JNU में विशेष दीक्षांत समारोह
जेएनयू के इस छात्र की डिग्री पर नाम लिखा था अक्षांश गुप्ता लेकिन भारत की इस टॉप यूनिवर्सिटी में वो 'बंटी दादा' के नाम से जाना जाता है। बंटी दादा के शरीर का निचला हिस्सा पूरी तरह निष्क्रिय है और वो बोलते कुछ इस तरह हैं जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।
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उनका हाथ भी काफी अजीब पोजिशन में रहता है और हम ये भी कह सकते हैं कि उनका अपने शरीर के अंगों के मूवमेंट पर कोई कंट्रोल नहीं है। ऐसे समाज में जहां अक्षमता को प्रतिशत में आंका जाता है, वहां कहा जाए तो 32 वर्षीय अक्षांस 95 प्रतिशत डिसेबल है और वो सेरेब्रल पालसी नामक रोग के साथ बड़ा हुआ है।
95% अक्षम इस छात्र के सम्मान में JNU में विशेष दीक्षांत समारोह
जितनी तकलीफ से उन्होंने पीएचडी की उतने में तो कोई सामान्य रूप से स्वस्थ इंसान हार मान लेता और उनके इसी जज्बे के कारण जेएनयू ने विशेष दीक्षांत समारोह आयोजित कर उन्हें अगले साल होने वाले दीक्षांत समारोह के कुछ महीने पहले ही डिग्री प्रदान कर दी गई।