जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की एबीवीपी इकाई ने नया हॉस्टल मैनुअल वापस लेने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को मंडी हाउस से पार्लियामेंट स्ट्रीट तक विरोध मार्च निकाला। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रबंधन और छात्रसंघ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आम छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान तीन दिव्यांगजनों के साथ 160 छात्र-छात्राओं को हिरासत में लिया, जिन्हेें देर शाम छोड़ दिया गया।
जेएनयू फीस विवाद: प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर टूट पड़ी पुलिस, तस्वीरों में देखें कैसे बरपाया कहर?
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जेएनयू एबीवीपी इकाई की अध्यक्षता में निकाले गए विरोध मार्च में दिल्ली विश्वविद्यालय, अंबेडकर यूनिवर्सिटी, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत कई विश्वविद्यालयों के एबीवीपी से जुड़े छात्र भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस से बाराखंबा की ओर जाने वाली सड़क को छावनी में तब्दील कर दिया था। एबीवीपी कार्यकर्ता और पुलिस के बीच में तीखी नोकझोंक होती रही।
पुलिस ने बैरिकैड्स तोड़ने वाले छात्रों को काबू करने कोशिश की, लेकिन वे पार्लियामेंट स्ट्रीट तक पहुंचने में कामयाब हो गए। प्रदर्शनकारी शास्त्री भवन के बाहर अपना विरोध दर्ज करवाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन से आगे नहीं जाने दिया। विरोध मार्च के चलते आसपास के लुटियन जोन के कई इलाकों में जाम की स्थिति रही।
प्रदर्शनकारियों ने हॉस्टल मैनुअल को वापस लेने, बढ़ी फीस को पूर्णतया वापस लेने और कक्षाओं को शुरू करने की मांग रखी। इसक अलावा हाईपावर कमेटी भंग करने की भी मांग की गई। वहीं, एबीवीपी इकाई के मंत्री मनीष जांगिड़ ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखारियाल निशंक से नया हॉस्टल मैनुअल वापस लेने या फिर अपने पद से इस्तीफा देने की मांग रखी है।
फीस बढ़ोतरी का फैसला अपनी मर्जी से न लें प्रशासन
हम हॉस्टल मैनुअल के तहत बढ़ाई गई फीस पूरी तरह से वापसी की मांग करते हैं। इससे कम हमें कोई फैसला मान्य नहीं है। छात्रों की एकजुटता के चलते फीस वापसी की लड़ाई को मजबूती मिली है। हमारी मांग है कि फीस बढ़ोतरी जैसे फैसले विश्वविद्यालय प्रबंधन अपनी मर्जी से न ले। ऐसे फैसलों में छात्रों की भागीदारी बेहद जरूरी है।-सिद्धार्थ यादव, प्रदेश मंत्री, एबीवीपी दिल्ली
लेफ्ट ने आंदोलन को हाईपावर कमेटी के समक्ष रखा गिरवी
जेएनयू छात्रसंघ ने आम छात्रों के साथ धोखा किया है। आम छात्रों के हॉस्टल मैनुअल के आंदोलन को सरकार की हाईपवार कमेटी के समक्ष गिरवी रख दिया है। हमारी मांग है कि हॉस्टल मैनुअल को जल्द से जल्द वापस लेने का एलान हो, ताकि कक्षाएं सुचारू रूप से शुरू हो सकें।-दुर्गेश कुमार, इकाई अध्यक्ष, जेएनयू एबीवीपी