फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जिगिषा संग दरिंदगी करने वाले का जेल में हुआ ऐसा हाल की खुद ही मांगने लगा मौत

Mon, 22 Aug 2016 02:11 PM IST
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 22 Aug 2016 02:11 PM IST
विज्ञापन
jigisha murder case : all about main convict ravi kapoor, he wished to death some times ago
ज‌िग‌िषा घोष के हत्यारों को फांसी व उम्रकैद की सजा - फोटो : अमर उजाला

जिगिषा घोष मर्डर केस में मुख्य दोषी रवि कपूर की मानसिक हालत ठीक नहीं है। उसने मरने की इच्छा जाहिर की थी। उसकी सहन शक्ति बेहद कम है और उसका गुस्से पर भी काबू नहीं रहता। इन बातों का खुलासा उसके मनोचिकित्सीय रिपोर्ट से हुआ था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव के समक्ष दोषियों की सजा पर बहस करते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता दीपक शर्मा ने मनोचिकित्सक की रिपोर्ट पढ़ते हुए कहा था कि उनके मुवक्किल की मानसिक हालत ठीक नहीं है और उसे गहन मनोचिकित्सीय जांच व इलाज की जरूरत है। वह असाध्य बीमारी से भी पीड़ित है। हालांकि आज कोर्ट ने सजा सुनाते हुए बचाव पक्ष की इन दलीलों को महत्व नहीं दिया और ‌रवि कपूर को फांसी की सजा सुनाई है।

jigisha murder case : all about main convict ravi kapoor, he wished to death some times ago
ज‌िग‌िषा घोष के हत्यारों को फांसी व उम्रकैद की सजा

अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा था कि रवि के दोनों हाथों पर जलने के निशान हैं। उसने मॉस्किटो क्वाइल से अपने हाथ जला लिए थे। मनोचिकित्सक के पूछने पर उसने बताया कि उसे ऐसा करने का मन हुआ तो उसने कर लिया। मनोचिकित्सक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रवि कपूर कई बार खुद को नुकसान पहुंचा चुका है। जब वह आपे से बाहर होता है तो वह आगे पीछे नहीं सोच पाता। उसकी सहन शक्ति बेहद कमजोर है और उसका गुस्से पर भी काबू नहीं है।

jigisha murder case : all about main convict ravi kapoor, he wished to death some times ago
ज‌िग‌िषा घोष के माता प‌िता

रिपोर्ट का हवाला देते हुए दीपक शर्मा ने कहा था कि रवि कपूर ने अपने इंटरव्यू में मरने की इच्छा जाहिर की है। इन तथ्यों के मद्देनजर मनोचिकित्सक ने उसकी गहन जांच व इलाज की सिफारिश की है। बचाव पक्ष ने कहा कि रवि कपूर पर उसके माता पिता की जिम्मेदारी भी है। उसकी मां को हृदय रोग है और एक्सीडेंट में उसके पिता का पैर टूट चुका है। वो चलने फिरने में लाचार हैं। इन तथ्यों के मद्देनजर रवि को सजा देने में नरमी बरती जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
jigisha murder case : all about main convict ravi kapoor, he wished to death some times ago
ज‌िग‌िषा घोष के प‌िता

अभियोजन पक्ष ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा था कि रवि कपूर की मानसिक हालत आज खराब है लेकिन अपराध के समय वह बिल्कुल ठीक था। इसलिए उसे कड़ी सजा दी जानी चाहिये। मामले में अन्य दोषी अमित शुक्ला के अधिवक्ता अमित कुमार ने कहा कि उनका मुवक्किल सात साल से जेल में है और अब उसके सुधार की बात की जा रही है। लेकिन आज शायद अदालत को बचाव पक्ष की इन दलीलों में ज्यादा सच्चाई नहीं लगी और उसने रवि व अमित दोनों को फांसी की सजा दी और जिगिषा के साथ न्याय किया।

विज्ञापन
jigisha murder case : all about main convict ravi kapoor, he wished to death some times ago
ज‌िग‌िषा घोष की मां

बचाव पक्ष की दलील थी कि जेल में बंद कैदियों के सुधार और जीवन की मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार की कोई नीति नहीं है। उनके मुवक्किल पर जेल से रंगदारी रैकेट चलाने का आरोप है। वह जेल में बंद है और अगर इसके बाद भी रंगदारी रैकेट चला रहा है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यह बड़ा सवाल है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed