एनआईए द्वारा जाफराबाद इलाके से आतंक की साजिश रचने और आईएस से प्रभावित संगठन से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी से उनके परिजन हैरान हैं। जाफराबाद में ही रहने वाले हरकत उल हर्ब ए इस्लाम संगठन के मास्टर माइंड मुफ्ती सुहैल के पिता ने कहा कि उनका बेटा दोषी हो तो उसे फांसी दे देना, लेकिन बेगुनाह है तो जल्द रिहा कर दिया जाए। उन्हें अपने देश की न्याय व्यवस्था और जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है। एनआईए व बाकी एजेंसियां उनके बच्चों को इंसाफ दिलवाएगी।
एनआईए की कार्रवाई: दोषी हों तो दे देना फांसी, बेगुनाह है तो रिहा करो
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मूलरूप से अमरोहा के रहने वाले मुफ्ती सुहैल के पिता हफीज अहमद ने कहा कि वह पिछले 35 साल से चौहान बांगर की गली नंबर-9 में रहते हैं।परिवार में तीन बेटे जुनैद, उबैद और छोटा सुहैल हैं। परिवार का इंवर्टर और बैटरी बनाने का पुराना काम है। सुहैल जिसे मास्टर माइंड बताया जा रहा है, उसने देवबंद और अमरोहा के मदरसे से पढ़ाई की थी। एक साल पहले ही उसकी अमरोहा की रहने वाली राफिया से शादी हुई थी।
सुहैल दो माह पूर्व पत्नी के साथ अमरोहा चला गया था। वहां एक मदरसे में पढ़ा रहा था। बुधवार तड़के दिल्ली और अमरोहा में एक साथ एनआईए ने रेड की। उनके दो मंजिला मकान के हर हिस्से की तलाशी ले ली गई। पुलिस घर से टूटे हुए चार्जर, इनवर्टर के सर्किट, बैटरी व इनवर्टर बनाने का अन्य सामान उठाकर ले गए। हफीज ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने उनके सारे मोबाइल व अन्य सामान ले लिया। पुलिस को घर से कुछ खास बरामद नहीं हुआ। सामान ले जाने के बाद परिवार को जो रिसीविंग दी गई, उसमें कुछ ऐसे सामान की भी लिस्ट थी जो उनके घर पर मिले ही नहीं। हफीज ने कहा कि उनके बेटे को जबरन न फंसाया जाए।
आजम की सुहैल से होती थी फोन पर बात
सुहैल के लिए हथियार का इंतजाम कराने के आरोप में गिरफ्तार मोहम्मद आजम के परिजनों ने उसे बेकसूर बताकर सारे आरोपी खारिज किए हैं। परिवार ने यह तो माना कि पहले सुहैल उसके मेडिकल स्टोर पर दवाई लेने जरूर आता था। कई बार उसने कॉल कर आजम से दवाइयों के बारे में भी पूछा। आजम के साले साकिब खान ने बताया कि उसके जीजा पिछले चार साल से मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उसके परिवार में पिता मोहम्मद हफीज के अलवा पांच भाई हैं। आजम अपनी पत्नी उजमा और पांच साल की बेटी के साथ गली नंबर-4, चौहान बांगर में रहता है। कुछ समय पूर्व वह अपने पूरे परिवार के साथ मक्का उमराह (धार्मिक यात्रा) करने गया था। साकिब के मुताबिक पुलिस उसके जीजा को फंसा रही है। आजम के भाई वसीम और नदीम का कहना था कि वह हर भाई के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगे।
जुबैर और जैद की गिरफ्तारी से हैरान हैं पड़ोसी
पिछले करीब 40 साल से जुबैर और जैद मलिक का परिवार गली नंबर-25, मकान नंबर-579 में रहता है। परिवार में पिता गुलजार, मां और दो छोटे भाई हैं। परिवार का कूलर व पंखे की मोटर बनाने का कारोबार है। जुबैर डीयू का छात्र है, जबकि जैद पिता के साथ कारोबार को देखता है। पड़ोसी शाह आलम ने बताया दोनों लड़के बेहद शरीफ हैं। कभी किसी ने उनको आवारा लड़कों के साथ खड़े हुए नहीं देखा। पड़ोसियों ने उनके आतंकी होने की बात को नकार दिया। पड़ोसियों का कहना था कि बच्चों को जबरन आतंकी बनाकर उठाया गया है। इधर जैद और जुबैर की मां उनकी गिरफ्तारी की खबर के बाद से बेहोश है। घर पर रिश्तेदार उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं। एनआईए के मुताबिक जैद व जुबैर पर बैटरी, कनेक्टर और फर्जी कागजात के आधार पर सिमकार्ड उपलब्ध कराने का आरोप है।