31वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले की शुरुआत बुधवार से हो जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल सुबह 11:30 बजे पर्यटन सत्कार तथा शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, झारखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अमर कुमार बौरी तथा भारत में मिश्र के राजदूत हातेम तगेल्डिन की मौजूदगी में मेले का उद्घाटन करेंगे।
इंतजार की घड़ियां खत्म, कुछ ही देर में शुरू होने वाला है अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला
इस वर्ष पर्यटकों एवं प्रतिभागियों की सुविधा के लिए अनेक नई पहल की गई हैं। मेले के लिए बुक माई शो के माध्यम से ऑनलाइन टिकट ली जा सकती हैं। दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर भी मेले की टिकटें उपलब्ध करवाई गई हैं। विभिन्न स्थानों से सूरजकुंड के लिए विशेष बसें उपलब्ध हैं।
आस-पास के क्षेत्रों से मेला स्थल तक नि:शुल्क फेरी सेवा तथा कई जन सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। इस वर्ष मेले में यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण एशिया से 20 से अधिक देश भाग ले रहे हैं।
यह मंदिर वहां के सन्थाल परगना क्षेत्र में स्थित है। झारखंड से लगभग 300 कलाकार छाऊ, खैरा, करसा, पायका जैसी प्रसिद्ध लोक कलाओं का प्रदर्शन करेंगे।
मेले में होगा भरपूर मनोरंजन
मेले में आने वाले दर्शकों के लिए मिश्र, तंजानिया, जिंबाब्वे, सेशेल्स, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान से आए अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकारों द्वारा मुख्य चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इसके अलावा हरियाणवी, पंजाब पुलिस द्वारा भांगड़ा व गिद्दा, मध्य प्रदेश के कलाकारों द्वारा बधाई, उत्तर प्रदेश के कलाकार बृज की होली ओर मयूर नृत्य, गुजरात के कलाकार राठवा, उत्तराखंड के कलाकार चपेनी और झारखंड के कलाकार पायका नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
मेला पखवाड़े के दौरान शाम के वक्त भी चौपाल सजेगी। जिसमें दर्शक अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। ये कार्यक्रम प्रतिदिन शाम छह बजे के बाद चौपाल पर आयोजित होंगे।