पूछताछ के बहाने बुलाकर सीबीआई ने मेरे बेटे को बुरी तरह से फंसा दिया है। उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। यह बात शनिवार को आरोपी 11वीं कक्षा के छात्र के पिता ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में सुनवाई के बाद पत्रकारों से कही।
प्रद्युम्न केस : आरोपी छात्र के पिता ने बताया कि कैसे CBI ने उनके बेटे को फंसाया
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उन्होंने कहा कि इस मामले में सीबीआई अपनी मनमर्जी कर रही है। 22 सितंबर को केस सीबीआई के अधीन आने के बाद 24 सितंबर को उन्हें जांच के लिए पहली बार स्कूल बुलवाया गया। जिसमें वह अपने बेटे को लेकर पहुंचे। यहां अनेक बार जांच हुई।
मंगलवार को सुबह सीबीआई का उन्हें फोन आया और बेटे को बुलवाया। सुबह 11.20 बजे वह सीबीआई हैडक्वार्टर पहुंचे। पौने 3 बजे बच्चे को अंदर बुलवाया। इसके बाद से उन्हें बेटे से मिलने नहीं दिया गया। जब शाम को वह अंदर जाने लगे तो यहां बैठे अधिकारियों ने उन्हे रोक लिया और कहा कि अधिकारियों ने साफ कहा है कि वे अंदर नहीं जा सकते।
रात करीब साढ़े 9 बजे बेटे को देखने के लिए अधिकारियों ने उन्हें अंदर बुलाया। जब वे बेटे से मिले तो देखा कि उसकी आंखे व चेहरा पूरी तरह से लाल था। उन्होंने आरोप लगाया कि उसे उल्टा टांगकर पीटा भी गया था।
उन्होंने बताया कि सीबीआई ने उनके यहां छापेमारी की थी। सीबीआई अधिकारियों ने उानके घर से बेटे के कपड़े, मोबाइल, हार्ड डिस्क सहित अन्य सामान ले लिया था। पुलिस के समक्ष दिए गए बयान में उसने बताया था कि सबसे पहले उसी ने प्रद्युम्न को देखा था और इसके बारे में उसने सभी को बताया था, लेकिन अंत में पूरा मामला सीबीआई ने उसी पर थोप दिया। रिमांड का समय जुवेनाइल बोर्ड से 10 बजे से 6 बजे तक का दिया गया, लेकिन उनके पास पूरी सूचना है कि रोजाना उनके बेटे को रात 10 बजे के बाद वहां पहुंचाया गया।