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प्रद्युम्न हत्याकांड: अशोक बोला- जुर्म कबूल करने के लिए मुझे दी नरक जैसी यातना

Thu, 23 Nov 2017 12:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Thu, 23 Nov 2017 12:20 PM IST
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in pradyuman murder case asho kreached home and told truth to media
ryan school - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला

प्रद्युम्न हत्याकांड में गुरुग्राम पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बस कंडक्टर अशोक 75 दिन बाद जेल से जमानत पर रिहा हो गया। मंगलवार को अदालत ने उसकी जमानत याचिका स्वीकार कर 50 हजार के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए थे। बुधवार को रिहाई के आदेश जेल पहुंचने के बाद शाम करीब सवा 7 बजे अशोक को रिहा कर दिया गया।

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ryan school - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला

अशोक अपने कपड़ों का बैग लेकर शॉल ओढ़कर बाहर आया। जेल के बाहर मौजूद अशोक के अधिवक्ता उसे लेकर गांव घामडौज पहुंचे। उधर, अशोक के जेल से बाहर आते ही गुरुग्राम पुलिस और आरोपी छात्र के परिवार में हलचल मच गई है।

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ryan school - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला

बता दें कि भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को हुई दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या मामले में गुरुग्राम पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया था।

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ryan school - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला

मामला सीबीआई के अधीन जाने के बाद सीबीआई ने इस मामले में 11वीं कक्षा के छात्र को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अशोक के अधिवक्ता ने अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका को अदालत ने मंगलवार को स्वीकार करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए थे।

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ryan school - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला

बुधवार को कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद बुधवार देर शाम करीब सवा सात बजे उसे जेल से रिहा किया गया। जेल से बाहर निकलते ही उसे अधिवक्ता ने उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया और अपने साथ ले गए। जेल से बाहर निकलते वक्त अशोक की आंखें नम हो गई। 75 दिन बाद अशोक ने गांव की दहलीज पर कदम रखा।

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