आम आदमी पार्टी (आप) ने डोर स्टेप डिलीवरी प्रोजेक्ट की फाइल लौटाने पर उपराज्यपाल अनिल बैजल को निशाने पर लिया है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा के इशारे पर दिल्ली सरकार की जनहित से जुड़ी योजनाओं पर उपराज्यपाल ब्रेक लगा रहे हैं।
साथ ही अपील की है कि दिल्ली वालों के हित में प्रोजेक्ट पर मोहर लगाई जाए। पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि जिस तरह से उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के डोर स्टेप डिलीवरी प्रोजेक्ट की फाइल वापस भेजी है, उसके पीछे की वजहें सियासी है।
प्रोजेक्ट को रोकने के लिए बे-सिर पैर की बातें कही गई हैं। गोपाल राय ने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली में गंदी सियासत कर रही है। उपराज्यपाल ने भाजपा के इशारे पर फाइल लौटाई है।
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अनिल बैजल
- फोटो : सोशल मीडिया
गोपाल राय के मुताबिक, अगर प्रोजेक्ट से सड़क पर ट्रैफिक व प्रदूषण बढ़ने का उपराज्यपाल को अंदेशा है, तो उन्हें बताना चाहिए कि अगर किसी प्रमाणपत्र को बनवाने के लिए 100 लोग सरकारी दफ्तरों तक जाते हैं, तो प्रदूषण बढ़ेगा या फिर एक सरकारी आदमी 100 लोगों को उनके घरों में जाकर उन्हें प्रमाण पत्र देने की सुविधा देगा तो ट्रैफिक और प्रदूषण बढ़ेगा। गोपाल राय ने इसकी निंदा की है। साथ ही उपराज्यपाल से अपील की कि जनहित से जुड़े फैसले में अड़चन न खड़ी करें।
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arvind kejriwal
- फोटो : कुमार संजय
उपराज्यपाल कह रहे हैं कि डिजिटलाइजेशन पर्याप्त है, जबकि चुनी हुई सरकार का कहना है कि डोर स्टेप डिलीवरी प्रोजेक्ट डिजिटलाइजेशन का पूरक है। उपराज्यपाल इससे राजी नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह है कि लोकतंत्र में इस तरह के हालात पैदा होने पर किसका फैसला माना जाए, एक चुनी हुई सरकार का या उपराज्यपाल का। -अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली