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Delhi Incident: लागू होती ये गाइडलाइन, तो बच सकती थी तीन होनहारों की जान; दर्दनाक हादसे के बाद भी न बदले हालात
Thu, 01 Aug 2024 02:44 PM IST
शाहरुख खान
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 01 Aug 2024 02:44 PM IST
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delhi coaching centre case
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र सरकार की तरफ से छह माह पहले ही कोचिंग सेंटर को लेकर जारी गाइडलाइन अगर दिल्ली में लागू होती तो राजेंद्र नगर जैसा हादसा रोका जा सकता था। शिक्षा मंत्रालय ने 18 जनवरी को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजी गाइडलाइन में कहा था कि राज्य सरकारें कोचिंग संस्थानों के लिए सख्त कानून बनाएं और भावना के अनुरूप उसे लागू भी करें। इसमें राज्यों को सभी कोचिंग संस्थानों की जरूरी जांच के आधार पर तीन महीने में पंजीकरण अनिवार्य था। लेकिन दिल्ली सरकार ने कानून लाना तो दूर गाइडलाइन का पालन तक सुनिश्चित नहीं किया।
Delhi Coaching Centre
- फोटो : पीटीआई
मंत्रालय ने कोचिंग सेंटरों की फीस व पढ़ाई के अलावा पंजीकरण के लिए शर्तें और आवश्यक आधारभूत संरचना के पहली बार सख्त नियम भी तय किए थे। कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण व विनियमन के लिए 2024 की गाइडलाइन पर राज्य सरकार ने कुछ भी काम नहीं किया है। हादसे के पांचवें दिन बुधवार को भी कोचिंग सेंटर के अंदर से लेकर बाहर के हालात में बदलाव नहीं है।
आरएएफ की हुई तैनाती
- फोटो : पीटीआई
आग, सुरक्षा और बाहरी निकास की जांच के बाद पंजीकरण
- आवश्यक आधारभूत संरचना में कोचिंग सेंटर को पंजीकरण मिलने से पहले आग, सुरक्षा और बाहरी निकास की आवश्यक आधारभूत संरचना की सक्षम अधिकारी द्वारा जांच होनी थी।
- कोचिंग सेंटर की मूल संरचना के भीतर, एक कक्षा या बैच के दौरान प्रत्येक छात्र के लिए न्यूनतम एक वर्ग मीटर जगह होनी चाहिए। कुल छात्रों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त बुनियादी ढांचा होगा।
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दिल्ली कोचिंग सेंटर हादसा
- फोटो : ANI
- सेंटर में पर्याप्त बिजली, हवादार और प्रत्येक कक्षा समेत लाइब्रेरी में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था होगी।
- सभी स्थान सीसीटीवी की निगरानी में होंगे। दीवारों पर पुलिस, अग्नि, अस्पताल समेत अन्य जरूरी हेल्पलाइन नंबर लिखे होंगे।
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प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
- छात्रों की सभी प्रकार की शिकायतों के लिए सेंटर में शिकायत पेटी या रजिस्ट्रर होगा। इन समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत निवारण समिति गठित होगी।
- सेंटर में छात्रों की संख्या समेत सभी जानकारियों को उनकी वेबसाइट पर देना अनिवार्य था।