वो एक वॉट्सऐप मैसेज था जिससे इस साल की आईएएस टॉपर टीना डाबी को पता चला कि उनके नाम से 35 फर्जी फेसबुक अकाउंट बने हुए हैं।
हर प्रोफाइल में टीना की फोटो लगी हुई है। किसी में वो अपने माता-पिता के पोज दे रही हैं तो किसी में केजरीवाल के साथ पोज दे रही हैं वहीं किसी में न्यूज चैनल को इंटरव्यू देती दिख रही हैं।
टीना के इन फर्जी प्रोफाइलों में उनके नाम से कुछ कोट चलाए जा रहे हैं जो उन्होंने कभी कहा ही नहीं। ऐसे ही एक फेसबुक प्रोफाइल में टीना के हवाले से कहा गया है कि, 'प्रिय बाधाएं, मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगी...'
टीना ने अंग्रेजी अखबार को दिए अपने एक इंटरव्यू में परेशान होकर बताया कि, 'यह बहुत ही ओछी हरकत है। मैंने कभी मेहनत और लगन के बारे में ये सब नहीं कहा। यह सभी फर्जी प्रोफाइल किसी और के कोट से मेरा नाम जोड़ रहे हैं। भविष्य में ये इससे बुरा भी कर सकते हैं। उन्होंने दलितों के उत्थान के लिए बहुत काम किए हैं लेकिन उन्होंने आरक्षण का कभी समर्थन नहीं किया। हमारे देश में आरक्षण की व्यवस्था कुछ सालों के लिए थी लेकिन नेताओं ने इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया।'
इस पोस्ट पर टीना कहती हैं कि, 'मैं किसे अपना आदर्श मानती हूं ये विवाद है। मैंने अपने सभी इंटरव्यू में कहा है कि यह बेहद ही निजी सवाल है और मैं ये कह चूकी हूं कि मैं मोदी और अंबेडकर दोनों का ही एक समान आदर करती हूं, लेकिन मैंने वो स्टेटमेंट नहीं दिया है।'