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हाईटेंशन का करंट, तीन ऑपरेशन और दोनों हाथ गंवाने के बाद पैरों से बांधी राखी

Fri, 19 Aug 2016 06:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Fri, 19 Aug 2016 06:40 PM IST
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hi tension current, 3 operation and looses both hand then also tied rakhi to brother with legs
देवकी - फोटो : अमर उजाला

सवा माह पूर्व व्यवस्था के जख्म झेल दोनों हाथ गंवाने वाली कक्षा तीन की छात्रा ने न तो हौसला गंवाया है और न रिश्तों को दरकिनार किया है। बहन-भाई के प्यार और रक्षा का प्रतीक माने जाने वाले पर्व पर मिर्जापुर गांव की छात्रा देवकी ने जिंदादिली और स्नेह की अनोखी मिसाल पेश की है।

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देवकी - फोटो : अमर उजाला

दो दिन पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद देवकी ने बृहस्पतिवार को अपने पैरों से दोनों भाइयों को राखी बांधी।

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देवकी - फोटो : अमर उजाला

मिर्जापुर गांव में महेंद्र सिंह सब्जी बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। महेंद्र के चार बेटियां और दो बेटे हैं। महेंद्र की दूसरे नंबर की बेटी कक्षा तीन की छात्रा देवकी गांव के ही प्राइमरी स्कूल में पढ़ती है।

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देवकी - फोटो : अमर उजाला

7 जुलाई को देवकी घर के ऊपर से जा रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई थी। इससे उसके दोनों हाथ झुलस गए थे। परिजन उसे ग्रेटर नोएडा के कई अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे निजी अस्पताल में देवकी का उपचार नहीं करा पाए। इस वजह से परिजनों ने दिल्ली के सफदरजंग में देवकी का उपचार कराया।

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देवकी - फोटो : अमर उजाला

जान बचाने के लिए काटने पड़े दोनों हाथ
सफदरजंग अस्पताल में देवकी के तीन बड़े ऑपरेशन किए गए। हाईटेंशन लाइन के करंट के कारण उसके दोनों हाथ बुरी तरह प्रभावित हो चुके थे। इससे उसके शरीर के अन्य अंगों को भी खतरा हो गया था। देवकी की जान बचाने के लिए चिकित्सकों को उसके दोनों हाथ काटने पड़े। विडंबना यह है कि पीड़ित देवकी या उसके परिवार को न तो विद्युत विभाग से और न ही अन्य कोई सरकारी मदद मिल पाई है। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है।
नहीं टूटने दिया प्यार का सिलसिला
डॉक्टर ने दो दिन पहले देवकी को चौथे दिन उपचार के लिए आने की सलाह देकर डिस्चार्ज किया। रक्षाबंधन पर हर साल देवकी अपने दो भाइयों को राखी बांधती थी। इस बार उसके हाथ नहीं होने के कारण परिजन चिंतित थे, लेकिन देवकी ने कहा कि वह अपने भाइयों को राखी बांधेगी। उसने पैरों से राखी बांधने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद देवकी ने अपने भाइयों धर्मेंद्र व राजेश के हाथों में अपने पैरों से राखी बांधी।

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