दिल्ली मेट्रो की हेरिटेज लाइन आईटीओ से कश्मीरी गेट के बीच बुधवार को ट्रायल रन शुरू हो गया। 5.17 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर कुल चार दिल्ली गेट, जामा मस्जिद, लाल किला और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन होंगे। बुधवार को दिल्ली गेट से दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव केके शर्मा ने मेट्रो को हरी झंडी दिखाई। मंगू सिंह ने बताया कि हेरिटेज लाइन का निर्माण मेट्रो के लिए सबसे कठिन काम रहा। हमेें इस लाइन के निर्माण के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और नेेशनल मॉन्युमेंट अथॉरिटी से मंजूरी लेने में दो साल का समय लग गया। उसके बाद भी हमने साढ़े तीन साल में इसका काम पूरा कर लिया। वह भी तब, जब निर्माण के दौरान हमें लाइन का एलाइनमेंट भी बदलना पड़ा।
सबसे कठिन रहा हेरिटेज लाइन का निर्माण, नवंबर में शुरु होने वाली मेट्रो लाइन की ये हैं खासियतें
- पुरातत्व विभागों, अथॉरिटी से मंजूरी लेने में मेट्रो को दो साल लग गए। इस दौरान प्राचीन इमारतों को बिना नुकसान पहुंचाए निर्माण करना सबसे कठिन काम था।
- आईटीओ से दिल्ली गेट तक निर्माण में सुरंग खुदाई के दौरान टनल बोरिंग मशीन पत्थरों के बीच फंस गई। इसे निकालने के लिए खासी मेहनत करनी पड़ी।
- दिल्ली गेट से जामा मस्जिद के बीच सुनहरी मस्जिद को लेकर मेट्रो को मुश्किल आई। पहले इसे सुनहरी मस्जिद से 103 मीटर दूर रखने को कहा गया। बाद में फिर मस्जिद की दीवार से 100 मीटर दूर रखने के लिए कहा गया। इससे मेट्रो लाइन की पहले से तय एलाइनमेंट में बदलाव करना पड़ा।
- लाल किला से कश्मीरी गेट के बीच सुरंग बनाने के दौरान बड़ी मात्रा में पानी का रिसाव हुआ। इससे मेट्रो का काम प्रभावित हुआ। पानी निकालने व रोकने के लिए मेहनत करनी पड़ी।
- मेट्रो के निर्माणकार्य से पुरानी इमारतों, मकानों को बचाने के साथ 2000 लोग प्रभावित हुए। 650 लोगों को मेट्रो ने अपने खर्च पर होटल में ठहराया।
फैक्ट फाइल
5.17 किलोमीटर लंबी है हेरिटेज लाइन
4 स्टेशन आएंगे इस लाइन पर
43.40 किलोमीटर चालू वॉयलेट लाइन का विस्तार है
इन इलाकों को फायदा
फरीदाबाद, साउथ दिल्ली, गोविंदपुरी, कालकाजी, नेहरू प्लेस, ईस्ट ऑफ कैलाश से सीधे पुरानी दिल्ली और कश्मीरी गेट जा पाएंगे। राजीव चौक व मंडी हाउस पर भीड़ कम होगी। पर्यटकों को फायदा मिलेगा।
मुगलकाल की याद दिलाएंगे स्टेशन
हेरिटेज लाइन के स्टेशनों पर जब आप जाएंगे, तो ये आपको मुगलकाल की याद दिलाएंगे। स्टेशनों पर मुगलकालीन आर्टवर्क के साथ आसपास मौजूद प्राचीन इमारतों की थ्रीडी डिजाइन भी स्टेशन के अंदर लगेगी। स्टेशनों का नाम भी वहां की प्राचीन इमारतों के नाम पर रखा गया है।
कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पहला ऐसा इंटरचेंज होगा, जहां तीन अलग-अलग लाइन आपस में जुड़ी होंगी। ये लाइनें सिर्फ दिल्ली से नहीं, बल्कि एनसीआर के प्रमुख शहरों गुड़गांव, फरीदाबाद और गाजियाबाद से सीधे कनेक्टिविटी देंगी। लाइन 6 (वायलेट लाइन) का ट्रायल बुधवार से शुरू हो गया। नवंबर से यह आम लोगों के लिए भी खुल जाएगा। मेट्रो का कहना है कि इससे राजीव चौक और मंडी हाउस पर भीड़ कम होगी, लेकिन कश्मीरी गेट पर यात्रियों की भीड़ बढ़ेगी। वर्तमान में कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन से रोजाना औसतन तीन लाख यात्री गुजरते हैं। अभी तक कश्मीरी गेट पर दो लाइन, जिनमें एक रेड लाइन दिलशाद गार्डन से कश्मीरी गेट और दूसरी यलो लाइन जो गुड़गांव से सीधे कश्मीरी गेट को जोड़ती है, वह ऑपरेशनल है।