अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णकांत की पत्नी रितु और बेटे ध्रुव को गोली मारने की घटना के दो दिन बाद सोमवार को भी घटना के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। रिमांड पर चल रहे आरोपी महिपाल से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस आरोपी की मां समेत ममेरे भाई राजेश को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। आठ सदस्यीय एसआईटी एक दर्जन से अधिक एंगल से जांच कर रही है। मूल कारण की तह तक जाने के लिए मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाने पर भी विचार कर रही है।
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महिपाल के दो फेसबुक अकाउंट
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी की दिमागी खुराफात और मनोवैज्ञानिक स्तर को समझने में सोशल मीडिया और नेट ब्राउजिंग मददगार साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। अभी तक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने नाम से दो फेसबुक अकाउंट बनाए हुए थे। औसतन हर दिन चार से छह घंटे वह ऑनलाइन बीताता था।
सोशल मीडिया का विश्लेषण और धर्म गुरु की तलाश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक महिपाल ने दिसंबर 2015 से पहले ही ईसाई धर्म अपना लिया था। इसके बाद से वह लगातार ईसाई धर्म पर होने वाले वर्कशॉप और सेमिनार में भी जाता था। हर रविवार चर्च जाना उसका रूटीन था। उसकी मां भी चर्च जाती थी, लेकिन उसने धर्म परिवर्तन नहीं किया था। पुलिस यह तलाशने में जुटी है कि किसके प्रभाव में आकर महिपाल ने धर्म परिवर्तन किया था। धर्म परिवर्तन भी कितने लोगों को कराया था? धर्मपरिवर्तन के एवज में क्या कोई राशि मिली थी? पुलिस की मानें तो महिपाल दो धर्म गुरुओं के संपर्क में था, वे कौन हैं इसकी अभी पता नहीं चल पाया है।
वहीं, एसआईटी शनिवार को घटना को अंजाम देने से पहले फेसबुक पर डाले गए पोस्ट का भी विश्लेषण करने में जुटी है। फेसबुक पोस्ट के जरिये एसआईटी महिपाल की मनोदशा भी समझना चाहती है। पुलिस सोशल मीडिया पर मौजूद उसके दोस्तों का नेटवर्क भी तलाश रही है। पुलिस ने सोशल मीडिया के अभी तक विश्लेषण में पाया है कि 18 लोग ईसाई समुदाय के थे। फेसबुक पर एक ही नाम के कई लोग जुड़े हुए थे। अखिर उन सबका क्या कनेक्शन है।
उधर हिरासत में लिए ममेरे भाई राजेश से भी पूछताछ करके कड़ी से कड़ी जोड़ी जा रही है। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद महिपाल ने भी ममेरे भाई को फोन कर मां और पत्नी को सुरक्षित स्थान पर ले जाने को कहा था। पुलिस घटना स्थल पर बने वीडियो और फुटेज का भी विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा पुलिस घटना को अंजाम देने से पहले का व्यवहार जानने के लिए लगातार पूछताछ कर रही है।
आधिकारिक तौर पर ब्रेनडेड घोषित नहीं
जज के बेटे ध्रुव की हालत गंभीर बनी हुई है। वह वेंटिलेटर पर है। उसे ब्रेन डेड घोषित करने के लिए डॉक्टर विचार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक अधिकारिक तौर पर उसे ब्रेन डेड घोषित नहीं किया गया है। ध्रुव का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि गोली उसके सिर के आरपार हो गई थी। शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं है। जीने की इच्छा शक्ति मजबूत होने के कारण उसकी सांसे अभी चल रही हैं।
धारणा यादव, सहायक पुलिस आयुक्त और सदस्य एसआईटी का कहना है कि, मामले की जांच की जा रही है। अभी तक वारदात के पीछे के कारणों का पता नहीं चल रहा है। कई एंगल से पूछताछ कर रहे हैं। पूछताछ पूरी होने के बाद ही स्पष्ट कारणों का पता चल सकेगा। इस मामले में कई अफवाहें भी हैं। सभी पहलुओं का क्रॉस वेरीफिकेशन भी किया जा रहा है।