गुरुग्राम के मानेसर में सड़क पर पांच घंटे में दो बार गैंगरेप का शिकार हुई 19 वर्षीय महिला जब दरिंदों के चंगुल से बच कर निकली तो एक गार्ड ने उसे सहारा दिया और उसकी बच्ची को अस्पताल तक ले जाने में मदद की। (सभी फोटोः सुदर्शन/अमर उजाला)
गुरुग्राम के मानेसर गैंगरेप में मामले में पुलिस को जांच में पता चला है कि पीड़ित महिला के पति का झगड़ा पड़ोसियों से हो गया था। पड़ोसियों द्वारा झगड़े को ज्यादा तूल देने पर महिला का पति अपने दोस्त के घर चला गया। पति के जाने के बाद पड़ोसी महिला से झगड़ा करने लगे। तभी पीड़ित महिला पड़ोसियों से डर कर गांव बांसकुसला गांव से रात को गुरुग्राम के खांडसा में रह रहे माता-पिता के यहां जाने का फैसला किया।
घर से निकले के एक घंटे बाद महिला को क्या पता था कि रास्ते में हैवान मिल जाएंगे। हैवानियत करने वाले टाटा मैजिक चालक व उसके साथियों ने पीड़िता को चार घंटे बंधक बना कर रखा था। मगर पुलिस ने बच्ची की हत्या का मामला तो दर्ज कर लिया पर अपहरण कर गैंगरेप की धारा जोड़ने में पुलिस ने लापरवाही बरती और महिला को भगा दिया था।
नशे में धुत तीनों युवकों ने रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक पीड़िता के साथ दो बार गैंगरेप किया। आरोपी उसे धमकी देते रहे कि उसने विरोध किया तो बेटी को जान से मार दिया जाएगा।
बेटी को बंधक बना कर आरोपी उसका रेप करते रहे। पांच घंटे बाद बदमाशों के चंगुल से छूटी महिला ने पेंसिल नामक कंपनी के गार्ड और सुपरवाइजर से संपर्क किया। वहां से पीड़ित महिला ने पति को फोन किया।