ग्रेटर नोएडा वेस्ट की चेरी काउंटी सोसायटी में हुई दंपती की हत्या में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान आरोपी अमन ने कई खुलासे किए हैं। उसने बताया कि हत्या के बाद खुद को बचाने के लिए उसने क्या-क्या किया और उसके साथ साजिश में और कौन शामिल था और वो भी किस तरह से, पढ़ें पूरी खबर...
दंपती हत्याकांडः अमन ने मार्ट की छत पर ही उतार दिए थे खून से सने जूते, हत्या के बाद पहुंचा सौरभ के घर
हत्या कर सौरभ के घर पहुंचा अमन, ताला लगा मिला तो महागुन मार्ट पहुंचा
अमन ने वारदात के बाद खून से सने जूते विनय के मार्ट की छत पर उतार दिए थे। यहां से वह नंगे पैर सौरभ(अमन की नाबालिग दोस्त का पिता) के घर पहुंचा। यहां ताला लगा देख उसने कॉल किया। उसे पता चला कि नाबालिग और उसकी मां मेहंदी लगाने के लिए महागुन मार्ट गई हैं। सौरभ भी वहीं था। इसके बाद आरोपी महागुन मार्ट पहुंच गया।
सेक्टर-62 के ओयो होटल में रुकवाया
अमन को लेकर सौरभ नोएडा सेक्टर-22 गया। यहां आरोपी को सौरभ ने ओयो होटल में रुकवाया और उससे लूटे गए रुपये भी लिए। इसके बाद सौरभ घर लौट आया। हयात ने बिहार भागने के लिए सौरभ की मदद से कैब बुक कर ली थी, लेकिन फरार होने के प्रयास के दौरान ही पुलिस ने उसे गैलेक्सी वेगा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
वारदात से पहले सहकर्मी से लिए थे तीन सौ रुपये उधार
आरोपी ने वारदात से लगभग पांच घंटे पहले मार्ट के एक सहकर्मी से उधार रुपये मांगे थे। सहकर्मी ने उसे दो सौ रुपये दिए तो आरोपी ने कहा कि सौ और दे दो। इस पर आरोपी उधार में तीन सौ रुपये लेकर गया था।
अमन ने नाम छुपाकर की दोस्ती, सौरभ रुपये के लिए बनाता था दबाव
पुलिस के मुताबिक, अमन की आयु 19 साल है और उसने 15 साल की नाबालिग से दोस्ती की, लेकिन उसे पूरा नाम नहीं बताया। सौरभ को इसकी जानकारी हुई तो अमन पर दबाव बनाकर रुपयों की मांग करने लगा। अमन अक्सर सौरभ को रुपये देता था। सौरभ ने अमन से यह भी कहा कि अगर वह अधिक रुपये लाकर देगा तो वह उसके साथ व्यापार करेगा और बेटी की शादी कर देगा। सौरभ ने अमन से कहा था कि विनय के मार्ट की बिक्री के रुपये से ही उनका काम आसान हो सकता है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि सौरभ बेटी को फंसाने के केस दर्ज कराने की धमकी देकर अमन को ब्लैकमेल भी करता था। पुलिस का कहना है कि इस तथ्य की जांच की जा रही है।
भांजे ने पुलिस को कहा- शुक्रिया
विनय और नेहा के भांजे सौरभ मित्तल का कहना है कि जिला पुलिस की कई टीमें वारदात के खुलासे में दिन रात जुटीं रहीं। इसके लिए उनका परिवार शुक्रिया कहकर गौतमबुद्ध नगर पुलिस का आभार प्रकट करता है। मामा-मामी ने इंसानियत दिखाते हुए आधी रात को घर में बैठाकर आरोपी को भोजन खिलाया, लेकिन उसने हैवानियत दिखाते हुए वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस टीम को एक लाख रुपये इनाम
बिसरख कोतवाली प्रभारी मुनीष चौहान, क्राइम ब्रांच एसओजी प्रभारी यतेंद्र, सर्विलांस, साइबर आदि टीमें वारदात के खुलासे में जुटीं थीं। खुलासा करने वाली टीम को पुलिस आयुक्त ने एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है।