बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और लड़कियों के अधिकार के लिए रविवार को परदादा परदादी एजुकेशनल सोसायटी के तत्वावधान में हॉफ मैराथन का आयोजन किया गया। इसमें अमर उजाला का भी सहयोग रहा। मेजर डीपी सिंह ने रविवार सुबह छह बजे सेक्टर-44 स्थित महामाया बालिका इंटर कॉलेज से हरी झंडी दिखाकर दौड़ शुरू कर्राई। 500 से अधिक लोगों ने 5 व 21 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लिया। इनमें बच्चों के साथ बुजुर्ग भी शामिल हुए। मैराथन 9 बजे संपन्न हुई। इसके बाद सभी प्रतिभागियों को मेडल दिए गए। पांच किलोमीटर की दौड़ में विश्व भारती स्कूल के 7वीं का छात्र कनिष्क पहले स्थान पर रहा। उसने 19 मिनट में यह दूरी तय की।
बेटियों के अधिकार को दौड़े परदादा-परदादी,‘इंडियन ब्लेड रनर’ ने भी लगाई दौड़
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बता दें लड़कियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए सोसायटी तीन साल से विभिन्न शहरों में हाफ मैराथन का आयोजन करा रही है। 2014 में आयोजित हाफ मैराथन में करीब 1000 लोगों ने हिस्सा लिया थी। वहीं 2015 में इनकी संख्या बढ़कर 2000 व 2016 में 2800 हो गई। संस्था से जुड़े लोगों ने बताया कि वर्ष 2000 में 45 बच्चों के साथ अनूप शहर में परदादा परदादी के नाम से स्कूल खोला गया था, जहां अब 1300 से अधिक लड़कियों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। यह संस्था पढ़ाई पूरा करवाने के बाद लड़कियों की नौकरी लगवाने का भी काम करती है।
1999 में कारगिल युद्ध में घायल मेजर डीपी सिंह ने रविवार को हाफ मैराथन में हिस्सा लिया। इन्हें इंडियन ब्लेड रनर के नाम से भी जाना जाता है। मेजर डीपी सिंह ने बताया कि भर्ती के डेढ़ साल बाद ही कारगिल की लड़ाई में बम फटने की वजह से उन्होंने अपना दायां पैर खो दिया था। आज भी उनके कानों में बम फटने की गूंज सुनाई देती है। लंबे समय तक चले इलाज के बाद उन्होंने 2009 से मैराथन में हिस्सा लेना शुरू किया था। अब तक वह 20 हाफ मैराथन में शामिल हो चुके हैं।साथ ही वह द चैलेंजिंग वन्स के नाम से संस्था चला रहे हैं, जिसमें दिव्यांग बच्चों को खेल की प्रति जागरूक किया जाता है।
-वीरेंद्र सिंह, फाउंडर, परदादा परदादी संस्था
-लोकेंद्र कुमार, परदादा परदादी संस्था