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नोएडा: आखिर घटना का जिम्मेदार कौन? सुरक्षा के नाम पर पीजीआई ने झाड़ा पल्ला

Mon, 16 Jul 2018 11:31 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,नोएडा
ब्यूरो,अमर उजाला,नोएडा Updated Mon, 16 Jul 2018 11:31 PM IST
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govt hospital and PGI denied for security after girl committed suicide in 7th floor
girl committed suicide

चाइल्ड पीजीआई कैंपस में बनी गेस्ट हाउस की बिल्डिंग के 7वीं मंजिल से एक लड़की ने कूदकर जान दे दी। इस परिसर में जिला अस्पताल और चाइल्ड पीजीआई दोनों चल रहे हैं। लेकिन, जब सुरक्षा का नाम आया तो दोनों अस्पतालों ने पल्ला झाड़ लिया है। जिला अस्पताल का कहना है कि चाइल्ड पीजीआई की जिम्मेदारी है कि वो बिल्डिंग की सुरक्षा को देखे। वहीं चाइल्ड पीजीआई जिला अस्पताल की जिम्मेदारी बता रहा है। दोनों में से कोई जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि, घटना के बाद चाइल्ड पीजीआई की टीम मौके पर जाकर निरीक्षण करके आई है।

govt hospital and PGI denied for security after girl committed suicide in 7th floor
Girl committed suicide
गेस्ट हाउस की प्रथम तल और द्वितीय तल पर जिला अस्पताल की फार्मेसी का स्टोर बना हुआ है। उसके बाद तीसरी और चौथी मंजिल पर डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर है। उसके बाद 5 और 6 में सामान रखा हुआ है। वहीं सातवीं मंजिल में चाइल्ड पीजीआई का गेस्ट हाउस चल रहा है। डिस्ट्रिक्ट अरली इंटरवेंशन सेंटर शुरू होने से गार्ड किसी को ऊपरी तल पर जाने से नहीं रोकते हैं। ऐसे में लड़की लिफ्ट के जरिए ऊपर चली गई और कूद गई। सातवीं फ्लोर में गार्ड नहीं था। 
govt hospital and PGI denied for security after girl committed suicide in 7th floor
girl committed suicide

टूटा हुआ था ताला 
सातवीं मंजिल से छत पर जाने वाले रास्ते के गेट पर ताला टूटा हुआ था। इसके चलते गेट खुला हुआ था। ऐसे में कोई भी शख्स लिफ्ट से 7 वें फ्लोर पर आकर जीने के रास्ते से छत पर जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, ये महिला एक शख्स के साथ लिफ्ट में घुस गई। शख्स के साथ बच्चा भी था। वह बच्चे के साथ तीसरे फ्लोर पर उतर गया और महिला 7वें फ्लोर से छत पर चली गई।

इमरजेंसी के बाहर फोन पर बात करते देखी गई 
एक स्टाफ ने बताया कि महिला इमरजेंसी के बाहर फोन पर बात कर रही थी, जो सामान्य है। इस वजह से किसी को शक नहीं हुआ कि महिला ऐसा कुछ कर सकती है। महिला का अस्पताल में इलाज हुआ है या नहीं इसकी जानकारी भी अस्पताल के पास नहीं है। 

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अस्पताल एक-दूसरे पर थोप रहे सुरक्षा की जिम्मेदारी 
सीएमएस डॉक्टर अजेय अग्रवाल ने बताया कि ये बिल्डिंग चाइल्ड पीजीआई के अधीन आती है। बिल्डिंग के रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी चाइल्ड पीजीआई की है। चाइल्ड पीजीआई अस्पताल प्रशासन का इसमें गेस्ट हाउस भी चल रहा है। चाइल्ड पीजीआई के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर शेखर यादव ने बताया कि इस बिल्डिंग में जिला अस्पताल की फार्मेसी का स्टोर है। इसके अलावा डीईआई सेंटर भी चल रहा है। वैसे भी अभी पूरी बिल्डिंग हम लोगों को हैंडओवर नहीं की गई है। हमारा सिर्फ एक गेस्ट हाउस चलता है।

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girl committed suicide

घटना में उलझे रहे दोनों अस्पताल, महिला रही तड़पती
लड़की की मौत के बाद से दोनों अस्पताल प्रशासन जिम्मेदारी को लेकर लड़ते रहें। वहीं एक महिला एंबुलेंस में दर्द से कराहती रही। एक गर्भवती एंबुलेंस से अस्पताल की इमरजेंसी में खड़ी रही। लेकिन दोनों अस्पताल का स्टाफ इतना व्यस्त था कि उसको किसी ने स्ट्रेचर तक नहीं दिया। महिला आधे घंटे तक तड़पती रही। यहीं नहीं एक डॉक्टर घटना को देखने के लिए ओपीडी छोड़कर बाहर आ गई थी। इस पर मरीजों का गुस्सा फुट गया। एक मरीज ओपीडी के गेट से बाहर आकर डॉक्टर से लड़ने लगा। तब जाकर डॉक्टर अंदर जाकर ओपीडी में बैठी।

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