देश में बढ़ती सिजेरियन डिलीवरी से परेशान सरकार ने इन्हें कम करने के लिए नई तरकीब निकाली है। जल्द ही अस्पतालों को इसके लिए नए दिशा-निर्देश भी मिलने वाले हैं।
उससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीजीएचएस से जुड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को आदेश दिया है कि वे हर दिन अपने यहां हुई सिजेरियन डिलीवरी की संख्या हॉल में एक बोर्ड लगाकर उस पर सार्वजनिक करें, ताकि लोगों को पता चल सके कि अस्पताल में कितनी सिजेरियन डिलीवरी हो रही हैं।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सिजेरियन डिलीवरी की वजह से महिलाओं को काफी दिक्कतें होती हैं। शिकायत है कि कुछ अस्पताल बीमा क्लेम की वजह से महिलाओं की सामान्य प्रसूति नहीं कराते। हालांकि इसके प्रमाण अब तक सरकार को नहीं मिले हैं, लेकिन सिजेरियन डिलीवरी के बढ़ते आंकड़ों ने सवाल जरूर खड़े किए हैं।
इसके चलते मंत्रालय ने फिलहाल सीजीएचएस अस्पतालों को ही ऐसा करने को कहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही यह आदेश देश के हर सरकारी और निजी अस्पताल के लिए लागू होगा। उधर मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कानपुर, चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू जैसे शहरों में सबसे ज्यादा सिजेरियन डिलीवरी की जा रही हैं। यहां सामान्य प्रसूति का आंकड़ा बेहद कम मिला है। इन्हीं आंकड़ों पर सरकार ने नई योजना पर काम करना शुरू किया है।