{"_id":"639d4f5cf4c9bc3f6e2500d4","slug":"ankit-murder-case-ghaziabad-conspiracy-to-prove-ankit-alive-after-murder-accused-big-revealing","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Ankit Murder Case: हत्या के बाद रची अंकित को जिंदा साबित करने की साजिश, बोला- फिल्म में देखा था कि हीरो...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ankit Murder Case: हत्या के बाद रची अंकित को जिंदा साबित करने की साजिश, बोला- फिल्म में देखा था कि हीरो...
Sat, 17 Dec 2022 10:40 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 17 Dec 2022 10:40 AM IST
विज्ञापन
Ankit Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के मोदीनगर में पीएचडी के छात्र अंकित की हत्या के बाद मकान मालिक उमेश शर्मा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने एक फिल्म में देखा था कि हीरो पुलिस अधिकारी के बेटे की हत्या करके लाश छिपा देता है। इसके बाद वह एक फर्जी कहानी तैयार करता है। इसके साक्ष्य जुटाता है। इसी की तर्ज पर अंकित की हत्या के बाद उसने फर्जी कहानी बनाई। यह कहानी अंकित को जीवित साबित करने की थी। उसे मालूम था कि पुलिस किसी के लापता होने की शिकायत आने पर मोबाइल की लोकेशन चेक करती है। अगर एटीएम से पैसे निकाले गए हों तो इसकी फुटेज निकलवाती है। उसने अपनी पत्नी की बुआ के बेटे प्रवेश को अंकित का, मोबाइल एटीएम कार्ड और बाइक दे दिए। उससे कहा था कि वह हेलमेट पहनकर ही बाइक चलाए।
मृतक अंकित खोखर का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
साजिश यह थी कि अगर पुलिस अंकित के मोबाइल की लोकेशन मालूम करके टोल प्लाजा या कहीं और से फुटेज निकलवाएगी तो अंकित की बाइक नजर आएगी।
आरोपी उमेश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
हेलमेट की वजह से चेहरा दिखेगा नहीं और पुलिस प्रवेश को ही अंकित समझ लेगी। अगर इसके बाद एटीएम बूथ के सीसीटीवी की फुटेज निकलवाई तो पुलिस प्रवेश को अंकित समझेगी। उसका पुलिस से कहना था कि उसने सुन रखा था कि एटीएम बूथ के कैमरे बहुत अच्छे नहीं होते हैं, इनमें फुटेज स्पष्ट नहीं आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मृतक अंकित खोखर का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अंकित और प्रवेश की कद-काठी काफी मिलती है। प्रवेश एटीएम से कैश निकालने अंकित का मोबाइल फोन लेकर ही गया था। इसलिए, लोकेशन से यही पता चलता कि अंकित ही रकम निकाल रहा है। उसने अंकित बनकर उसके दोस्तों को पहले ही मैसेज कर दिया था कि वह उत्तराखंड जा रहा है। उमेश ने पुलिस को बताया कि उसके कहने पर प्रवेश ने हरिद्वार और ऋषिकेश के एटीएम से ही पैसे निकाले।
विज्ञापन
आरोपी उमेश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
अधूरा रह गया अंकित का सपना
दोस्तों ने बताया कि अंकित का सपना पीएचडी के बाद जर्मनी जाकर पढ़ाई करना था। वह सांख्यिकी का अधिकारी बनना चाहता था। उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन कर दिया था। उसने जमीन भी इसलिए बेची थी ताकि जर्मनी जाकर पढ़ाई कर सके। उसका यह सपना अधूरा ही रह गया।
दोस्तों ने बताया कि अंकित का सपना पीएचडी के बाद जर्मनी जाकर पढ़ाई करना था। वह सांख्यिकी का अधिकारी बनना चाहता था। उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन कर दिया था। उसने जमीन भी इसलिए बेची थी ताकि जर्मनी जाकर पढ़ाई कर सके। उसका यह सपना अधूरा ही रह गया।