गुलशन और उसके परिवार की एक साथ अंतिम संस्कार की अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी। बुधवार दिन में पूरे परिवार का अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन इसमें गुलशन की अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी। इसके पीछे की वजह संजना को बताया जा रहा है। जानिए क्या थी गुलशन की वो अंतिम इच्छा जो संजना की वजह से पूरी नहीं हो सकी और क्यों....
बुधवार को गुलशन उसकी पत्नी परमीना, बच्चे रितिक और कृतिका का गाजियाबाद के हिंडन श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। संजना उर्फ गुलशन के परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से नहीं होने दिया। वह शव को लेकर दिल्ली के रामपुरा इलाके में चले गए। जहां पर अपने रीति रिवाज के साथ उसके शव को देर शाम सुपुर्दे खाक कर दिया।
वहीं गुलशन और उसकी पत्नी परमीना व उनके बच्चे रितिक व कृतिका का अंतिम संस्कार हिंडन घाट पर किया गया। एक साथ चार चिता जलती देख परिवार वालों की आंखें नम हो गईं। इंदिरापुरम के वैभव खंड स्थित कृष्णा अपरा सफायर सोसायटी में मंगलवार को हुई पांच मौत के बाद बुधवार को सभी शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद पुलिस ने शवों को परिजनों के हवाले कर दिया।
फ्लैट में दीवार पर मिले सुसाइड नोट में गुलशन ने सभी का अंतिम संस्कार एक साथ करने की इच्छा जाहिर की थी। गुलशन के परिवार वालों ने हिंडन श्मशान घाट पर पांच चिता बनाई थी। पोस्टमार्टम के बाद जब पांचों शवों को चिता पर रखने के लिए लाया गया तो संजना ऊर्फ गुलशन के परिजनों ने हिंदू रीति रिवाज से संजना का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
गुलशन के परिवार वालों ने उनसे गुलशन की आखिरी इच्छा होने की बात भी कही लेकिन संजना के परिवार वाले नहीं माने। संजना के परिजन उसके शव को लेकर दिल्ली के रामपुरा स्थित अपने घर चले गए। इसके बाद गुलशन के बड़े भाई विपिन वासुदेवा ने दोपहर करीब एक बजकर 32 मिनट पर सबसे पहले परमीना की चिता को मुखाग्नि दी।