फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मोदीनगर अग्निकांड: शवों को देख खड़े हो गए पुलिस के रोंगटे, महिला और पुरुष की पहचान कर पाना भी मुश्किल

Mon, 06 Jul 2020 08:42 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: प्राची प्रियम Updated Mon, 06 Jul 2020 08:42 AM IST
विज्ञापन
Ghaziabad Modinagar fire accident in illegal factory even deadbodies could not be identified as male or female
मोदीनगर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद जिले के मोदीनगर में रविवार को हुआ हादसा इतना खौफनाक था कि किसी के भी रोंगटे खड़े जो जाएं। मोमबत्ती बनाने की अवैध फैक्टरी में आग लगने से कई लोग जिंदा जल गए। मंजर ऐसा था कि परिजन बेबस आंखों से अपनों को आग की लपटों के बीच छटपटाते हुए देखते रहे, लेकिन फैक्टरी में मौजूद लोग जिंदा ही जल गए। हादसा इतना भीषण था कि जान गंवाने वाले आठ लोगों का शरीर 100 प्रतिशत तक जल गया था।


 
Ghaziabad Modinagar fire accident in illegal factory even deadbodies could not be identified as male or female
मोदीनगर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
एसडीएम खालिद अंजुम का कहना है कि हमारे लिए शवों में यह अंतर कर पाना भी मुश्किल हो रहा है कि कौन महिला और कौन पुरुष हैं। शव बुरी तरह से जले हुए थे, जिसकी वजह से उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर शवों की शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है। अगर जरूरत पड़ी तो डीएनए टेस्ट भी कराया जा सकता है। 

 
Ghaziabad Modinagar fire accident in illegal factory even deadbodies could not be identified as male or female
मोदीनगर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन की तरफ से जानकारी दी गई कि सुभारती अस्पताल मेरठ में भर्ती तीन लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि उनका शरीर 60 से 80 प्रतिशत तक जला हुआ है। इनमें से भी दो लोगों के चेहरे व शरीर के अन्य हिस्से इतने ज्यादा जले हुए हैं कि पहचान कर पाना मुश्किल है। एसडीएम का कहना है कि गंभीर हालत में भर्ती तीन लोगों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। आवश्यकता पड़ी तो उन्हें हायर सेंटर में भी इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Ghaziabad Modinagar fire accident in illegal factory even deadbodies could not be identified as male or female
आग बुझाने की कोशिश करते दमकलकर्मी - फोटो : अमर उजाला
एनसीआर क्षेत्र में किसी भी तरह के पटाखे व ज्वलनशील उत्पाद बनाने पर पूरी तरह से रोक है, लेकिन उसके बाद भी पुलिस की सरपरस्ती में आरोपी नितिन कुमार पटाखे बनाने का काम करता रहा। नियम के तहत एनसीआर में सिर्फ ग्रीन पटाखे बनाए जा सकते हैं। उसके लिए भी संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी होती है। पटाखे बनाने का काम आबादी क्षेत्र में किसी भी सूरत में नहीं किया जा सकता है। 

 
विज्ञापन
Ghaziabad Modinagar fire accident in illegal factory even deadbodies could not be identified as male or female
हादसे के बाद जमा लोग - फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद डीएम अजय शंकर पांडेय ने एसडीएम खालिद अंजुम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। सूत्रों का कहना है कि मजिस्ट्रेट की तरफ से रविवार रात को ही स्थानीय लोगों के बयान दर्ज कराने शुरू कर दिए हैं। कुछ लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। बाकी कुछ लोगों से आज बयान लिए जाने हैं, जिसके बाद शाम तक जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। 

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed