गाजियाबाद के विजयनगर थाने की हवालात में विजयनगर सेक्टर-9 के मवई निवासी शमशेर (40) ने शर्ट से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पहरे पर तैनात पुलिसकर्मी द्वारा आवाज लगाने पर कोई रिस्पांस नहीं मिला तो घटना का पता चला। जानकारी लगते ही पुलिस के आला अफसर मौके पर दौड़ पड़े। कस्टडी में हुई मौत ने पुलिस पर तमाम सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी गई। शमशेर को पत्नी की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था लेकिन जब पत्नी को मौत की खबर मिली तो उसके होश उड़ गए और वह पछताते हुए यह बात कहने लगी....
पहले शिकायत कर पति को पहुंचाया थाने, आत्महत्या के बाद पछतावा कर बोली-काश मैं वहां बैठी रहती
मूलरूप से कैला भट्टा निवासी शमशेर सेक्टर-9 में पत्नी और 4 बच्चों के साथ किराए पर रहता था। वह मवई में मस्जिद के पास परचून की दुकान चलाता था। परिजनों के मुताबिक, शमशेर बुधवार शाम करीब 4:30 बजे शराब के नशे में घर आया और परिजनों के साथ गालीगलौज शुरू कर दी। शमशेर का हंगामा बढ़ता देखकर उसकी पत्नी तमन्ना ने यूपी-112 पर कॉल करके पुलिस बुला ली, जो शमशेर को विजयनगर थाने ले गई। थाने में तलाशी लेने के बाद उसे हवालात में बंद कर दिया गया। बताया गया कि इस दौरान शमशेर ने थाने की हवालात में ही अपनी शर्ट से फंदा लगा लिया। कुछ देर बाद पहरा ड्यूटी दे रहे पुलिसकर्मी ने हवालात में जाकर देखा तो शमशेर अचेत अवस्था में पड़ा था और उसके गले में शर्ट लिपटी हुई थी। आननफानन में शमशेर को पुलिस जिला अस्पताल लेकर गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
घंटों तक घटना को छुपाती रही पुलिस
कस्टडी में मौत की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी थाने की ओर दौड़ पड़े। इसके बाद घटना पर पर्दा डालने की कोशिश शुरू हो गई। कई घंटे तक पुलिस घटना को छुपाती रही। यहां तक कि मृतक के परिजनों को भी शमशेर की मौत की सूचना नहीं दी गई। रात 11:30 बजे तक शमशेर की पत्नी तमन्ना को पति शमशेर के जिंदा या मृत होने के बारे में कोई सूचना नहीं थी।
चौकी से विजयनगर थाने और फिर नगर कोतवाली में कब्जे में रखा
मामला आगे न बढ़े इसके लिए पुलिस शमशेर के परिवार को कठपुतली की तरह नचाती रही। शमशेर के जिला अस्पताल में मृत घोषित होने के बाद पुलिस ने उसकी पत्नी को पहले सेक्टर-9 पुलिस चौकी में बुलाकर पूछताछ की, इसके बाद उसे विजयनगर थाने ले गई। लोग थाने पर हंगामा न कर दें, इसके लिए शमशेर के परिजनों को नगर कोतवाली में घंटों तक रखा गया।
शमशेर का शव देखते ही अस्पताल में हुआ हंगामा
रात करीब 11:45 बजे तमन्ना के जिद करने पर पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर गई, जहां पति शमशेर का शव देख परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। एहतियात के तौर पर विजयनगर थाना और जिला अस्पताल में कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग भार्गव का कहना है कि शमशेर को विजयनगर पुलिस मृत अवस्था में अस्पताल लेकर आई थी।
सवालों के घेरे में आई विजयनगर पुलिस
किसी व्यक्ति को हवालात में बंद करने के बाद पुलिस किस तरह बेफिक्र हो जाती है, इसका एक नजारा बुधवार को हुई घटना में देखने को मिला। हवालात में बंद एक व्यक्ति ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली लेकिन पुलिस को इसकी जरा भी भनक नहीं लग सकी। घटना के बाद विजयनगर पुलिस तमाम सवालों के घेरे में आ गई है।
काश मैं भी थाने में बैठी रहती
तमन्ना ने बताया कि उसकी सूचना के बाद पुलिस पीआरवी में बैठाकर शमशेर को थाने ले गई थी। उसका मकसद सिर्फ इतना था कि घंटा-दो घंटा पुलिस कस्टडी में बैठाने के बाद पुलिस उसे छोड़ देगी। इसी के चलते करीब एक घंटे तक वह खुद थाने में बैठी रही। तमन्ना का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उसे घर भेज दिया और दरोगा के आने के बाद शमशेर को छोड़ने की बात कही। उसका कहना है कि काश वह कुछ देर और थाने में बैठी रहती तो कम से कम पति पर नजर तो रखती।
पत्नी से झगड़ा करने की सूचना पर पुलिस शमशेर को लेकर आई थी। वहां उसने हवालात में अपनी शर्ट से फंदा लगा लिया था। अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है। वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा इस संबंध में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। - अभिषेक वर्मा, एसपी सिटी