फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जिस केस से था डिप्रेशन, राहत मिलते ही किए बांके बिहारी के दर्शन, लौटकर ऐसा क्या हुआ जो की आत्महत्या

Thu, 11 Oct 2018 02:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Thu, 11 Oct 2018 02:36 PM IST
विज्ञापन
ghaziabad inspector vijay kumar was depressed with a case got relief in it but commit suicide
inspector vijay suicide - फोटो : अमर उजाला

एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि पुलिसकर्मियों से बातचीत में पता चला कि विजय सोमवार को गाजियाबाद थाने लौटा था, लेकिन थाने पर आने से पहले वह वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी जी के दर्शन कर आया। जिसका प्रसाद उसने थाने आकर पुलिसकर्मियों और मीडिया कर्मियों को खिलाया था। फिर आखिर ऐसा क्या हुआ जो इंस्पेक्टर विजय ने कर ली आत्महत्या...

ghaziabad inspector vijay kumar was depressed with a case got relief in it but commit suicide
inspector vijay suicide - फोटो : अमर उजाला

उसका कहना था कि उसके खिलाफ मथुरा में चल रहे मुकदमे में राहत मिली है। उसका दूसरे पक्ष से समझौता हो गया है। हालांकि विवेचना अभी जारी है। वहीं, मथुरा के आला अधिकारी ने भी उसे राहत देने की बात कही है।
100 से अधिक केसों की विवेचना कर रहे थे एसआई- पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी, लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना, अपराध नियंत्रण और केसों की विवेचनाओं का भार इतना है कि इससे परेशान होकर वे मौत को गले लगा रहे हैं। दरोगा विजय कुमार ठेनुआ भी 100 से अधिक केसों की विवेचनाएं कर रहे थे, जिसके चलते वह अपने परिवार से बात भी नहीं कर पाते थे। परिजनों की मानें तो वह कई-कई दिन में फोन पर करते थे। बताते थे कि काम का भार है, बाद में बात करूंगा। हाल चाल पूछने के बाद फोन रख देते थे।

ghaziabad inspector vijay kumar was depressed with a case got relief in it but commit suicide
inspector vijay suicide - फोटो : अमर उजाला

इसके अलावा विजय समेत चार पर चार महीने पहले मथुरा की नगर कोतवाली में धारा 307, 147 और 148 का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि उन्होंने कृष्णा नगर कालोनी में रहने वाले युवक पर जानलेवा हमला कर बवाल किया था। इसके चलते वह डिप्रेशन में रहते थे, जिसकी दवाई भी खाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
ghaziabad inspector vijay kumar was depressed with a case got relief in it but commit suicide
inspector vijay suicide - फोटो : अमर उजाला
बीमार होने के बाद भी निभा रहे थे वर्दी का फर्ज विजय के बेटे शिवम ने बताया कि रात करीब आठ बजे उनकी पिता से बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें बुखार है, लेकिन वह आज नाइट ड्यूटी पर हैं। उन्होंने छुट्टी मांगी थी, लेकिन नहीं मिली। क्योंकि दो दिन पहले ही वह छुट्टी से लौटकर आए थे।
विज्ञापन
ghaziabad inspector vijay kumar was depressed with a case got relief in it but commit suicide
इंस्पेक्टर विजय - फोटो : अमर उजाला
गोली की आवाज सुनकर दंग रह गया रूम पार्टनर स्टाफ क्वार्टर के साथी व थाने के मुंशी इशरत जैदी ने बताया कि विजय सुबह चार बजे कमरे में आए थे, जिसके बाद वह सोए नहीं और अपने मोबाइल पर फेसबुक और व्हाट्सएप चलाते रहे। इस बीच वह सो गया था। सुबह साढ़े छह बजे अचानक गोली चलने की आवाज आई और उनके बिस्तर पर सीमेंट गिर गया। सीमेंट गिरते ही जैदी की आंख खुली, तो देखा कि विजय ने दाहिनी ओर कनपटी पर गोली मारी है, जोकि बायीं ओर से बाहर होते हुए दीवार में लगी, जिससे सीमेंट झड़ गया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed