गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित करहेड़ा की वाल्मीकि बस्ती में गुरुवार को सुबह से ही वाल्मीकि समाज और स्थानीय लोगों का तांता लग गया। बौद्ध धर्म अपनाने वाले बस्ती के लोगों ने कहा कि हाथरस मामले में न्याय मिलने सहित शासन-प्रशासन उनकी 15 सूत्रीय मांगें मान ले तो वह दोबारा हिंदू धर्म में लौटने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के अंडरवर्ल्ड से संबंध वाले बयान पर नाराजगी जताई। लोगों ने विधायक से माफी मांगने के लिए कहा। उधर, धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों की सूची प्रशासन और साहिबाबाद थाने में दी गई है।
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पवन बौद्ध
- फोटो : अमर उजाला
पवन बौद्ध (पहले वाल्मीकि) ने प्रशासन की धर्म परिवर्तन को लेकर कोई साक्ष्य न होने की रिपोर्ट पर कहा कि बौद्ध धर्म अपनाना ही बड़ा प्रमाण है। सर्टिफिकेट भी है, जिस प्रमाणपत्र के बारे में प्रशासन बात कर रहा है सिर्फ उस पर सिर्फ क्रमांक नंबर नहीं है, जो महत्वपूर्ण नहीं है। बल्कि उस पर कार्यक्रम की तारीख भी लिखी है। भारतीय बौद्ध महासभा के अधिकृत हस्ताक्षर भी हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशासन ने धर्मांतरण करने वाले लोगों के नामों की सूची मांगी थी तो 236 लोगों की सूची बनाकर हिंडन चौकी इंचार्ज के जरिए प्रशासन व साहिबाबाद थाने को भेज दी है। पवन ने कहा कि प्रमाण पत्र के पीछे 22 प्रतिज्ञाएं भी लिखी हैं, उन्हें पढ़कर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजरत्न आंबेडकर के सामने ही धर्म अपनाया है।
पवन के मुताबिक, शासन-प्रशासन उनकी 15 सूत्री मांगें मान ले तो हिंदू धर्म में लौटने पर विचार किया जा सकता है। मांगों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हाथरस कांड में जो कुछ हुआ उसे खत्म किया जाए, डीएम पर कार्रवाई न होना और जाति समाज के प्रति गलत भाषा बोलने से समाज आहत है। पीएम आवास से मकान बनवाए जाएं, बेरोजगारों को नौकरियां दिलाई जाएं, उज्ज्वला योजना में सिलेंडर मिले। यहां पर एक भी गैस कनेक्शन के लिए फार्म नहीं भरवाया गया, वाल्मीकि समाज का धार्मिक स्थल बनवाया जाए, बिजली बिल भी माफ हो। बस्ती में 70 में से 50 मकान बेकार हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि 236 में से सिर्फ 100 लोगों पर ही काम नौकरी है। करहेड़ा के वाल्मीकि समाज में करीब 400 लोग हैं, वो लोग भी दो नवंबर को कोर्ट की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।
लोनी विधायक का बयान गलत, मांगे माफी
विधायक नंदकिशोर गुर्जर के दिए बयान को लेकर उन्होंने गहरी नाराजगी जाहिर की। कहा कि समाज के मुद्दों को जब भी उठाया जाता है तो कोई न कोई देशद्रोही बताता है। कोई पाकिस्तान से सीधा लिंक बताता है। पवन बौद्ध का कहना है कि लोनी विधायक ने बयान देने से पहले सोचा भी नहीं। मेरा रिकॉर्ड चेक कराया जाए। मेरी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि वह हक और मान-सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं।
राजनीति से कोई लेना-देना नहीं
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीएम के पास से खुद प्रस्ताव आया था। इसके अलावा जब समाज के लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती और इस बीच वरिष्ठ नेता बुलाते हैं तो वहां जाना पड़ता है। उन्होंने खुद के भाजपा कार्यकर्ता होने का भी दावा किया। इस पर पार्षद बिजेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि पवन अगर खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बता रहा है तो मेरे हिसाब से कोई भी पार्टी का कार्यकर्ता हो सकता है। पवन ने किसी कार्यक्रम में हिस्सा लिया होगा तो इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल उसके पास कोई पद नहीं है।