71वें गणतंत्र दिवस की परेड के लिए गुरुवार को हुई ड्रेस रिहर्सल ने राजपथ से लाल किला तक छटा बिखेरी। दिल्ली पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों की किलेबंदी के बीच थल जल व वायुसेना के जांबाजों और एनसीसी कैडेट्स की टुकड़ियों की कदमताल देश के शौर्य और जज्बे की गाथा सुना रही थी।
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फुल ड्रेस रिहर्सल
- फोटो : अमर उजाला
परेड में 22 राज्यों, मंत्रालयों, भारतीय सेना की झांकियां भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास की कहानी बयां कर रहीं थीं। करीब सात किलोमीटर लंबे रास्ते के दोनों ओर ड्रेस रिहर्सल देखने वालों की भीड़ जमा थी। पहला मौका था जब लोगों ने दोनों सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल कमांडो के दस्ते को देखा।
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फुल ड्रेस रिहर्सल
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9:30 बजे सुबह : रायसीना हिल्स से विजय पथ पर सबसे पहले तीनों सेनाओं थल, वायु व नौसेना अध्यक्ष, उनके पीछे रक्षा राज्य मंत्री, रक्षा मंत्री और फिर प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति के डमी काफिले पहुंचे। अति विशिष्ठ अतिथियों के डमी काफिलों को लाल बत्ती की गाड़ियों व लाव लश्कर के साथ लाया गया। सबसे आखिर में राष्ट्रपति के 46 सजीले घुड़सवार अंगरक्षकों (घोड़ों) का दस्ता और फिर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अति विशिष्ठ काफिला।
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फुल ड्रेस रिहर्सल
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10 बजे : सबसे पहले सेना की ओर से राष्ट्रपति और विदेशी मेहमानों को 21 तोपों की सलामी दी गई। थल सेना के अधिकारी ने ध्वजारोहण और उसके बाद राष्ट्रगान के साथ फुल ड्रेस रिहर्सल का आगाज हुुआ। रायसीना हिल्स की ओर से चार एमआई 17 और रुद्र हेलिकॉप्टर आए और गुलाबों की पंखुड़ियों की बरसात कर स्वागत किया।
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फुल ड्रेस रिहर्सल
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भीष्म, ब्रह्मोस, धनुष से दिखायी ताकत : सैन्य वाहनों में के9 वज्र टी, टैंक टी 90, आईसीवी बीएमपी 2 (सारथ), सर्वतरा ब्रिज सिस्टम, शार्ट स्पेन ब्रिजिंग सिस्टम, 155/45 सीएएल धनुष गन सिस्टम, के9व्रज टी, ट्रांसपोर्टेबल सेटेलाइट टर्मिनल, आकाश मिसाइल लांचर ताकत दिखाएंगे।