निर्भया के चारों दोषियों को 16 जनवरी को फांसीघर से चंद कदम दूर स्थित एक हाई सिक्योरिटी सेल में भेज दिया गया था। चारों दोषियों का नया ठिकाना अब जेल नंबर तीन हो गया है। इससे पहले तक वह अलग-अलग जेल के कसूरी वार्ड में बंद थे। जेल सूत्रों के अनुसार जब से दोषी हाई सिक्योरिटी सेल में भेजे गए हैं, तब से न सिर्फ उनकी सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि उस पर होने वाला खर्च भी बढ़ गया है। इस स्टोरी में पढ़ें कि दोषियों पर रोजाना कितने रुपये खर्च हो रहे हैं और किस तरह से हो रही है उनकी सुरक्षा...
जेल सूत्रों के अनुसार चारों दोषियों की सुरक्षा पर इन दिनों जेल प्रशासन के रोजाना लगभग 50 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। हाई सिक्योरिटी सेल में उन पर सीसीटीवी कैमरे से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। वहीं हर एक दोषी पर निजी तौर पर दो-दो सुरक्षाकर्मी नजर रख रहे हैं।
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निर्भया के दोषी अक्षय और विनय
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सुरक्षाकर्मी चारों दोषियों की तीन शिफ्ट में निगरानी करते हैं। इस तरह कुल 24 सुरक्षाकर्मी इनकी सुरक्षा में तैनात हैं। ये सभी जवान दिल्ली पुलिस या तिहाड़ के नहीं बल्कि तमितनाडु के हैं।
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निर्भया के दोषियों को होगी फांसी
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जेल अधिकारियों ने बताया कि दोषी विनय जेल नंबर चार, जबकि अक्षय, पवन और मुकेश जेल नंबर दो में बंद थे। अदालत से फांसी का फरमान जारी होने के बाद दोषियों को जेल नंबर तीन के हाई सिक्योरिटी सेल में भेज दिया गया है। जेल नंबर तीन में ही फांसीघर है। दोषियों को यहां लाने से पहले हाई सिक्योरिटी सेल में मरम्मत और सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम चल रहा था।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 16 जनवरी की दोपहर में दो गाड़ियों में कड़ी सुरक्षा के बीच चारों दोषियों को जेल संख्या तीन में शिफ्ट किया गया। चारों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। इनकी निगरानी के लिए तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के दो-दो जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों को दोषियों के पास आठ घंटे से ज्यादा रहने की इजाजत नहीं है। इन्हें जिस सेल में रखा गया है उसमें सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसकी निगरानी के लिए कर्मचारी को तैनात किया गया है।