8 दिसंबर को दिल्ली में अनाज मंडी इलाके की फैक्टरी में भीषण आग के बाद नए साल की दूसरी सुबह पीरागढ़ी में बैटरी की फैक्टरी में आग की घटना ने झकझोर दिया। गनीमत रही कि फैक्टरी में कोई कर्मचारी नहीं थे, लेकिन एक फायरकर्मी अमित बालियान को अपनी जान गंवानी पड़ी। अमित के बारे में खास बात यह है कि वह मलबे में दबे होने के बावजूद लगातार उसका फोन से संपर्क में बना रहा। इस स्टोरी में जानिए उसने आखिरी कॉल किसे की थी और क्या था। साथ ही ये भी जानें कि अमित की मौत के बाद न सिर्फ उसके परिवार बल्कि गांव में लोग उसके बारे में क्या कह रहे हैं...
पीरागढ़ी अग्निकांडः अमित ने इनको किया था आखिरी कॉल, कहा था बचा लो मुझे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फायर निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि तड़के 4.10 बजे फैक्टरी में आग की सूचना के बाद छह दमकल यूनिट को घटनास्थल पर भेजा गया। करीब 40 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया था और दमकलकर्मी कूलिंग के लिए फैक्टरी के अंदर ही थे। इसी बीच करीब 5 बजे जबरदस्त धमाका हुआ और इमारत के बीच का हिस्सा ढह गया। इससे फायर ऑपरेटर मूलत: शामली (यूपी) और दिल्ली के लोनी गोल चक्कर निवासी अमित बालियान (29) सहित चार लोग मलबे में दब गए। अमित लगातार रेस्क्यू टीम से फोन पर जुड़ा हुआ था। वह उन्हें अपनी लोकेशन बताने की कोशिश कर रहा था और यही वजह थी कि बचाव कर्मियों को आस बंधी हुई थी कि अमित जिंदा है। बताया गया कि उसे निकालने में काफी समय लग गया।
जब इमारत का हिस्सा ढह गया तो दबे लोगों को बचाने के लिए दमकल की 35 यूनिट और एनडीआरएफ टीम मौके पर पहुंचीं। इस दौरान इमारत के दो और हिस्से ढहने से कई और दमकलकर्मी घायल हो गए। करीब 9 घंटे चले बचाव अभियान के बाद दोपहर 2 बजे मलबे को हटाया तो फायर ऑपरेटर अमित सहित चारों लोग बेहोश मिले। इन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने अमित को मृत घोषित कर दिया।
गर्वीली फुहार के साथ दुख भी है अपार
अमित बालियान की शहादत पर उसके पूरे परिवार को ही नहीं, तमाम रिश्तेदारों और दिल्ली को गर्व है। दिल्ली पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात अमित के पिता बाबूराम बालियान को बेटे के निधन पर दुख तो जरूर है, लेकिन देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले बेटे पर फक्र भी है। हालांकि, शाम को जब अमित की मां और पत्नी को उनके निधन की सूचना दी गई तो घर में कोहराम मच गया। मां विमलेश देवी तो रोते-रोते बेहोश ही हो गई। घर के बाकी सदस्यों का भी यही हाल है। शुक्रवार को अमित का शव अग्निशमन ट्रेनिंग अकादमी, रोहिणी ले जाया जाएगा। यहां उनको श्रद्धांजलि देने के बाद परिवार के हवाले किया जाएगा।
अमित की मौत से मुंडभर में शोक
मुजफ्फरनगर के भौराकलां थाना क्षेत्र के गांव मुंडभर निवासी फायर सर्विस के कर्मचारी अमित बालियान की दिल्ली के पीरागढ़ी की फैक्टरी में हुए अग्निकांड में मौत होने से गांव में शोक व्याप्त है। यहां रहने वाले उसके कुटुंब के लोग दिल्ली के रवाना हो गए हैं। गांव मुंडभर निवासी अमित बालियान दिल्ली फायर सर्विस में कार्यरत था। बृहस्पतिवार को दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके की फैक्टरी में हुए अग्निकांड में आग बुझाने के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
मुंडभर निवासी मोनू ने बताया कि अमित बालियान का परिवार करीब 12 साल से दिल्ली में ही रहता है। गांव में उसके चाचा अमर, कल्लू आदि रहते हैं, जो हादसे की जानकारी मिलने पर दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। ग्रामीण के अनुसार अमित शादीशुदा था तथा परिवार के साथ दिल्ली में ही रहता था। उसके अन्य परिजन भी दिल्ली में रहते हैं। उसकी मौत से गांव में शोक व्याप्त है।