कप्तान और मिडफील्डर अमरजीत सिंह कियाम सहित भारत की फीफा अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट में शिरकत करने जा रही 21 सदस्यीय टीम में आठ मणिपुर के हैं।
भारत की फीफा अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल टीम में है ‘मणिपुर की एक टीम ’, कहानी है बड़ी दिलचस्प
मणिपुर के भारत की अंडर-17 टीम में शामिल आठ खिलाड़ियों - मिडफील्डर अमरजीत सिंह, सुरेश सिंह, निनथोइंगबा मितेई, जैक्सन सिंह, नोंगदंबा नाओरेम, मोहम्मद शाहजहां, डिफेंडर बोरिस सिंह तथा गोलरक्षक धीरज सिंह में हरेक की कहानी अभावों को मात देकर अपने जीवट से अपने लिए अलग मुकाम बनाने की कहानी है। इन सभी के देश की फुटबॉल में नुमाइंदगी करने को सपने को साकार करने में इन सभी के माता-पिता की कुर्बानी अलग-अलग कहानी है।
इन आठों के भारत की अंडर-17 विश्व कप में चुने जाने के बाद उनके माता पिता के पास अपने लाड़ले सपूतों को फुटबॉल के सबसे बड़े मंच खेलता देखने के लिए हवाई टिकट के पैसे नहीं थे। इस बाबत भारत के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉलर रैनेडी के हवाले से सबसे पहले खबर ‘अमर उजाला’ ने छापी थी। आखिर रैनेडी के प्रयासों और स्थानीय कारोबारियों के आगे आने से इन सभी के माता-पिता के हवाई टिकट की जुगत हो गई।
मणिपुर के इन भारतीय फुटबॉलरों के ‘अभिभावकों की टीम’ अमेरिका के खिलाफ भारत के फीफा अंडर-17 विश्व कप में शुक्रवार को पहले मैच में जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में अपने सपूतों सहित भारत की टीम की हौसलाअफजाई करने के लिए मौजूद रहेगी। मणिपुर के इन सभी फुटबॉलरों के माता-पिता यहां सुब्रत पार्क में ठहरे हुए हैं। मणिपुर के इन फुटबॉलरों में कईयों ने अपने कौशल को मिनर्वा पंजाब एफसी की ओर से खेलते हुए निखारा। इसी के लिए खेलते हुए अपनी चमक बिखेर कर भारत की फीफा अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल टीम में जगह बनाई।
मणिपुर के भारत की फीफा अंडर-17 विश्व कप में टीम में शामिल आठों फुटबॉलरों पर एक नजर
1. अमरजीत सिंह कियम (कप्तान) बेहतरीन मिडफील्डर और टीम में सभी को साथ लेकर चलना खूब आता है। यह मणिपुरी खुद बहुत धैर्य से खेलता है। दबाव में अपने किले से गेंद को बाहर निकालने के साथ जवाबी हमले बनाने में माहिर। मौका मिले तो गोल करना भी खूब जानते हैं।
2. सुरेश सिंह : अपने किले की शांत रह कर हिफाजत करने में माहिर मिडफील्डर। प्रतिद्वंद्वी टीम के हमले के वक्त पीछे आकर टीम की रक्षापंक्ति का खूब साथ निभाते हैं। खिलाड़ियों के परिवार से आने वाले मणिपुर के इस चतुर खिलाड़ी देर से फुटबॉल खेलना शुरू कर बहुत जल्द ही भारत की टीम में जगह बनाई।