उजड़ गया परिवार, जहरीली गैस की चपेट में आने से पिता समेत दो बेटों की दर्दनाक मौत
इनमें पिता-पुत्र और उसका चचेरा भाई शामिल है। हादसे में बेहोश हुए तीन अन्य सफाईकर्मियों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सेक्टर-31 में नगर निगम ओल्ड फरीदाबाद का डिस्पोजल टैंक है। इसमें अशोका एन्क्लेव, डीएलएफ, सराय ख्वाजा आदि क्षेत्र के सीवेज का पानी जमा किया जाता है। टैंक की सफाई और रखरखाव का ठेका गुरुग्राम निवासी संजीव अग्रवाल के पास है। उन्होंने संतोष नगर निवासी राहुल वाल्मीकि सहित र्कई सफाई कर्मियों को ठेके पर तैनात किया है। बुधवार दोपहर 1:20 बजे राहुल, महमूद, राकेश व राजकुमार डिस्पोजल टैंक की सफाई करने नीचे उतरे। राहुल टैंक की जालियां साफ कर रहा था। इसी दौरान वह जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया।
इसके बाद प्लांट में काम कर रहे महमूद, राकेश व राजकुमार भी मदद के लिए चिल्लाते हुए ऊपर की ओर भागे। तीनों बाहर आने के बाद अचेत होकर गिर पड़े। बेटे राहुल की जान खतरे में देख पिता अतर सिंह उसे बचाने के लिए नीचे उतर गए, वह भी गैस की चपेट में आ गए। इस बीच पिता और भाई को बचाने के लिए संतोष भी टैंक में कूद पड़ा, लेकिन तीनों वापस नहीं निकल सके । मौके पर पहुंची दमकल और पुलिस की टीम ने एक-एक कर तीनों को बाहर निकाला।
संतोष की सांसें चल रही थीं। जान बच जाने की उम्मीद से पुलिस ने तीनों को बीके सिविल अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। अचेत महमूद, राकेश व राजकुमार को पुलिस ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। एसएचओ सराय ख्वाजा थाना इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम अधिकारी झाड़ रहे पल्ला
डिस्पोजल टैंक हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत मामले में नगर निगम पल्ला झाड़ता नजर आया। कार्यकारी अभियंता रमेश बंसल का कहना है कि सफाई ठेके के एग्रीमेंट के तहत सुरक्षा उपकरण, ऑक्सीजन मास्क, फर्स्ट एड आदि की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। उन्होंने बताया कि हादसे की जानकारी गुरुग्राम में रहने वाले ठेकेदार संजीव अग्रवाल को दे दी गई है।