बुधवार को उनके चेहरे पर पड़ने वाली धूप ऐसी कभी न थी। ना ही उन्होंने पास के रेस्त्रां से आने वाली खुश्बू को इतना कभी नहीं महसूस किया था और इससे पहले इन छात्रों को किसी के सहारे की इतनी जरूरत नहीं पड़ी थी। (फोटो साभारः द टाइम्स ऑफ इंडिया)
जानें आंख होकर भी ये क्यों जिए नेत्रहीनों की जिंदगी
Updated Thu, 19 Mar 2015 01:27 PM IST
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