क्रिकेट खेलते हुए इंजीनियर की मौत, घंटों फोर्टिस के बाहर पड़ा रहा शव
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परिजन का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इंजीनियर को प्राथमिक उपचार करने से पहले ही मृत घोषित कर दिया था। दो घंटे तक उनका शव अस्पताल के बाहर पड़ा रहा। हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जांच की और इंजीनियर को दोबारा से मृत घोषित किया।
मूल रूप से मेरठ निवासी आशुतोष शर्मा (32) गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक सुपरटेक सोसायटी में पत्नी के साथ रहते थे। वह नोएडा स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में इंजीनियर थे। दो साल पहले उनकी शादी हुई।
उपचार से पहले ही डाक्टरों ने बताया मृत
शनिवार सुबह गौर सिटी स्टेडियम में वह दो सोसायटी के बीच चल रहे मैत्री मैच में खेल रहे थे। गेंदबाजी करते हुए उनके सीने में दर्द हुआ और वह मैदान पर ही गिरकर बेहोश हो गए। आरोप है कि उपचार से पहले ही डाक्टरों ने इंजीनियर को मृत घोषित कर दिया।
थोड़ी देर बाद वहां पहुंचे परिजन ने हंगामा किया। हंगामे के बाद डाक्टरों ने जांच की और इंजीनियर की दिल का दौरा पड़ने से मौत की पुष्टि की। परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
इंजीनियर क्रिकेट मैच खेल रहे थे। इसी दौरान दिल का दौरा पड़ा। डाक्टरों ने पुष्टि की है कि मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। मामले में परिजन ने कोई शिकायत नहीं की है। - अश्वनी कुमार, बिसरख थाना प्रभारी