द्वारका सेक्टर-21 और इलेक्ट्रॉनिक सिटी कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो का दूसरा सबसे लंबा (56.46 किलोमीटर) कॉरिडोर है। सबसे लंबा कॉरिडोर मजलिस पार्क-शिव विहार कॉरिडोर है, जो 59 किलोमीटर लंबा है। ब्लू लाइन विस्तार के खुलते ही दिल्ली मेट्रो का कुल नेटवर्क 250 स्टेशनों के साथ 343 किलोमीटर हो गया है। अब आप द्वारका सेक्टर-21 से सीधा नोएडा सेक्टर-62 पहुंच सकते हैं। आगे इस कॉरिडोर के बारे में पढ़िए पूरी डिटेल...
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दिल्ली मेट्रो के सबसे लंबे कॉरिडोर का हुआ उद्घाटन, द्वारका सेक्टर 21 से सीधे पहुंचे नोएडा सेक्टर 62
Mon, 11 Mar 2019 07:29 PM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 11 Mar 2019 07:29 PM IST
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Delhi Metro Blue Line
- फोटो : Amar Ujala
5.26 मिनट की है फ्रिक्वेंसी
इलेक्ट्रॉनिक सिटी-नोएडा सिटी सेंटर कॉरिडोर पर मेट्रो की फ्रीक्वेंसी पीक आवर में 5.26 मिनट की रहेगी। वहीं, पूरे कॉरिडोर की यात्रा में 12.23 मिनट का समय लगेगा। हालांकि, माना यह जा रहा है कि अभी सिटी सेंटर तक आने वाली सभी ट्रेनें इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक नहीं आएंगी। अगर भविष्य में ऐसा होता है तो फ्रीक्वेंसी और बढ़ जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल के तहत अभी से ही इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक मेट्रो के जाने की घोषणा की जा रही है।
एफओबी का लाभ सभी को मिलेगा
इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन के पास 18 मीटर की ऊंचाई पर एक एफओबी का निर्माण किया जा रहा है। यह करीब-करीब बनकर तैयार हो चुका है। यह मेट्रो तक जाने के लिए सड़क के दोनों ओर तैयार किया जा रहा है। खास बात यह कि अगर किसी को केवल रास्ता पार करना है तो भी वह उसका उपयोग कर सकता है।दिल्ली मेट्रो ने लगाए बिजली के छह मोनोपोल टावर
दिल्ली मेट्रो ने नोएडा सेक्टर-34 में पहली बार यूपीपीटीसीएल के लिए 6 मोनोपोल टावर लगाए हैं। यह मोनोपोल टावर 61.2 मीटर ऊंचे हैं और भारत के किसी भी मोनोपोल टावर में सबसे ऊंचे हैं। दरअसल, यूपीपीटीसीएल की लाइनें सेक्टर-34 में मेट्रो के अलाइनमेंट को पार कर रही थीं इसलिए डीएमआरसी ने इसकी ऊंचाई बढ़ाने का फैसला किया। इनको खड़ा करते समय पर्याप्त सुरक्षा बरती गई और संपूर्ण संरचना का परीक्षण आईआईटी, मुंबई और रुड़की के विशेषज्ञों द्वारा किया गया।इस कॉरिडोर की खासियत
- अब इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन नोएडा व गाजियाबाद के बॉर्डर पर बनाया गया है। इसलिए पड़ोसी शहर गाजियाबाद के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
- अब नोएडा के सेक्टर- 59, 61, 62 और 63 स्थित कॉरपोरेट ऑफिस और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वालों की राह आसान हो जाएगी।
- मेट्रो की कनेक्टिविटी से नोएडा और दिल्ली के फोर्टिस, लाइफ केयर, एम्स, गंगाराम और सफदरजंग जैसे अस्पताल जुड़ जाएंगे।