दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए दूसरा ओपन डेज आयोजित हुआ। नॉर्थ कैंपस स्थित कांफ्रेंस सेंटर में आयोजित ओपन डेज में एक बार फिर विद्यार्थियों और अभिभावकों ने सवालों की झड़ी लगा दी। सबसे अधिक सवाल पहली बार शामिल किए गए ईडब्ल्यूएस कोटे, बेस्ट फोर विषयों के कैलकुलेशन, गैप ईयर और दस्तावेज को लेकर रहे। तेज गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक पहुंचे। डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. राजीव गुप्ता समेत अन्य विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए।
डीयू दाखिलाः गैप ईयर वाले विद्यार्थी भी कर सकते हैं आवेदन, जानें ऐसे ही सवालों के जवाब
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क्या गैप ईयर वाले छात्रों को कोई नुकसान होगा?
नहीं, गैप ईयर वाले छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा। वह नियमित विद्यार्थियों के समान ही आवेदन कर सकते हैं। बस उन्हें दाखिले के लिए आवश्यक मानदंडों को पूरा करना होगा। साथ ही आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए।
ईडब्ल्यूएस कोटे में किन को शामिल किया गया है?
ऐसे विद्यार्थी जो कि एससी, एसटी और ओबीसी कोटे में नहीं आते और जिनके परिवार की आय सालाना आठ लाख से कम हैं। वह ईडब्ल्यूएस कोटे का लाभ ले सकते हैं। इसमें सभी स्रोतों के आय शामिल होनी चाहिए।
आवेदन भरते समय माइग्रेशन और चरित्र प्रमाणपत्र भी लगाना है?
इस बार दस्तावेज की संख्या को काफी कम किया गया है। फॉर्म में माइग्रेशन और चरित्र प्रमाणपत्र लगाने की जरूरत नहीं है। कॉलेज भी यह प्रमाणपत्र वेरिफिकेशन के लिए नहीं लेंगे। कोटे के छात्रों के लिए अनिवार्य है कि उनके जाति प्रमाणपत्र उनके खुद के नाम के होने चाहिए।क्या कटऑफ आने के बाद दो अलग-अलग कोर्सेज में दाखिला लिया जा सकता है?
विद्यार्थी एक साथ दो अलग-अलग कोर्सेज या अलग-अलग कॉलेजों में एक ही कोर्स में दाखिला नहीं ले सकते हैं। यदि किसी तरह से आप दो जगह दाखिला ले लेते हैं तो दोनों जगह से आपका दाखिला रद्द कर दिया जाएगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के लिए बेस्ट फोर में डीयू की विषय सूची से बाहर के विषय भी शामिल किए जा सकते हैं, लेकिन इन विषयों को लेने पर विद्यार्थी के अंकों में से कटौती की जाएगी। यदि डीयू की सूची ए और सूची बी में से विषय नहीं लेते तो 2.5 फीसदी अंकों की कटौती होगी। जबकि जो विषय 12वीं में नहीं पढ़ा और उसमें ऑनर्स करना चाहते हैं तो एक फीसदी अंकों की कटौती होगी।
डीयू विद्यार्थी के कक्षा 12वीं में उन चार विषयों के अंकों को जोड़ता है, जिसमें सबसे अच्छे नंबर हों। इन्हें ही बेस्ट फोर विषय कहा जा जाता है, लेकिन डीयू में हर प्रोग्राम में दाखिले के लिए अलग-अलग नियम है। डीयू में विषयों की दो सूची है। एक सूची जिसमें सभी भाषाओं को रखा गया है। इस सूची में पांच विदेशी भाषाएं भी शामिल हैं और दूसरी सूची में 21 इलेक्टिव विषय हैं। इनमें इंग्लिश, मैथ, फिजिक्स, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, हिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, एकाउंटेंसी, सिविक्स, बायोलॉजी-बॉयोकेमिस्ट्री-बॉयोटेक्नोलॉजी, राजनीति शास्त्र, होमसाइंस, लीगल स्टडी जैसे अन्य विषय शामिल हैं। विद्यार्थी इन दोनों सूचियों में से कोई विषय नहीं लेते हैं तो उसके कुल अंकों में से 2.5 फीसदी अंक कट जाएंगे।