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आखिर ऐसा क्या हुआ कि चार दिन में ही इस गांव से हटाना पड़ा ट्रंप का नामोनिशान

Wed, 28 Jun 2017 03:24 PM IST
यूनुस अलवी/अमर उजाला, पुन्हाना
यूनुस अलवी/अमर उजाला, पुन्हाना Updated Wed, 28 Jun 2017 03:24 PM IST
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donald trump name removed from village that was adopted by sulabh international in mewat on june 23
trump village - फोटो : अमर उजाला

उधर अमरीका में भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी वहां के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से गले मिल रहे थे इधर मेवात के गांव मरोडा में ट्रंप के नाम पर लगाऐ गए साईन बोर्डों को मेवात जिला प्रशासन ने गैर कानूनी बताते हुऐ डंडे के बल पर हटवा दिया। (सभी फोटोः अमर उजाला)

donald trump name removed from village that was adopted by sulabh international in mewat on june 23
trump village - फोटो : अमर उजाला

सुलभ इंटरनेशनल संस्था ने अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नाम पर 23 जून को ही ग्रामपंचायत मरोडा और उनके अंर्तगत आने वाले दो अन्य गांव निजामपुर और छावा का संयुक्त नाम ट्रंप सुलभ ग्राम रखा था। प्रशासन के इस कार्य से गांव के लोगों में भारी रोष है। गांव के लोगों का कहना है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमरीका से लोटने के बाद वे इस मामले को उनके सामने रखेंगे।

donald trump name removed from village that was adopted by sulabh international in mewat on june 23
trump village - फोटो : अमर उजाला

सुलभ इंटरनेश्रल संस्था मेवात जिला में पिछले सात-आठ साल से काम कर रही है। अब तक वह मेवात जिला के धांदूका, कौराली, टपकन, इंडरी, हिरमतला सहित कई गावों को शौचमुक्त गांव बना चुकी है। सुलभ इंटरनेश्रल ने गांव मरोडा ग्राम पंचायत को गोद लेकर इसका नाम ट्रंप सुलभ गांव रखा था। संस्था के संस्थापक बिदेंश्वर पाठक ने 23 जून को गांव मरोडा में आयोजित एक भव्य समारोह में इसका उदघाटन किया और उन्होने मीडिया को बताया था कि इन तीनों गांवों में हर घर में शौचालय बनाने के साथ-साथ बिजली, पीने का पानी, रोजगार, शिक्षा, चिक्तिसा, सिलाई, कढाई सेंटर और पंचायत भवन आदि पर काम किया जाऐगा।

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donald trump name removed from village that was adopted by sulabh international in mewat on june 23
trump village - फोटो : अमर उजाला

तीन दिन पहले ही मेवात उपायुक्त मणि राम शर्मा ने सुलभ इंटर नेश्रल की उपाध्यक्ष और कर्मचारियों को अपने कार्यालय में बुलाकर पूछा था कि ट्रप के नाम से जो साईन बोड लगाया है उसकी प्रमीशन कहां हैं। या तो प्रमीशन दिखाओ नहीं तो ट्रंप के नाम के बोर्ड को दो दिन में हटवा लो नहीं तो प्रशासन खुद हटाऐगा। आखिरकार मंगलवार को जिला प्रशासन ने ट्रंप नाम के साईन बोडों का हटवा दिया और कुछ बोर्ड को पोत दिया गया। सुलभ इंटरपेश्नल की उपाध्यक्ष जैन ने इस बात की तस्दीक करते हुऐ कहा कि डीसी ने ट्रंप नाम के बोर्ड हटाने के लिये उनको आदेश दिये थे। उनका कहना है कि वे प्रशासन के साथ कोई विवाद करना नहीं चहाते, वे बिना नाम के भी मरोडा ग्राम पंचायत में काम करेगें। उनकी संस्था पिछले आठ साल से मेवात में सुलभ शौचालयों पर काम कर रही है।

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trump village - फोटो : अमर उजाला

क्या कहते हैं समाजसेवी
समाजसेवी साहून खां का कहना है कि दस दिन से डीसी साहब कहां सो रहे थे जब धांधूका गांव को ट्रंप द्वारा गोद लिये जाने की मीडिया में खबरें आ रही थी। डीसी की नीयत साफ होती तो वह तभी सुलभ संस्था से इस बारे में पूछ सकते थे। अब गांव मरोडा पंचायत में ट्रंप के नाम पर बोर्ड लगा दिया अब उनको याद आई है। इससे डीसी साहब ने गांव मरोडा के लोगों के साथ अपमान किया है। अगर सुलभ वाले गैरकानूनी कार्य कर रहे थे तो डीसी साहब चहाते तो उनको पहले ही रोक सकते थे लेकिन डीसी ने ऐसा नहीं किया।

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