हंसती-खेलती गलियों में बुधवार की सुबह 10 बजे खौफ का अजीब-सा मंजर था। हर तरफ सन्नाटा परसा था और गलियां पूरी तरह सूनी थीं। डरे-सहमे लोग घरों में बंद थे और खिड़कियों के सहारे बाहर का मंजर देख रहे थे। इन हालात को देख मैंने करावल नगर के शिव विहार तिराहे पर लोगों को तलाशने का प्रयास किया, ताकि उनकी आपबीती जान सकूं।
गलियों में वर्दीधारी, डरे-सहमे लोग घरों में बंद होकर खिड़कियों के सहारे देख रहे मंजर
अभिषेक पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 27 Feb 2020 11:21 AM IST
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