500 से भी ज्यादा बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाने वाला सीरियल रेपिस्ट भले ही कितना बुरा हो लेकिन उसके अंदर एक ऐसी खूबी थी जिसकी वजह स से दूसरे लोग उसपर फिदा रहते थे।
साल 2015 में सुनील अपने परिवार के साथ एनसीआर से उत्तर प्रदेश के बिलासपुर शहर में जाकर बस गया था। वहां उसने 3000 रुपये महीने पर दो कमरों का एक घर ले लिय़ा था। वह अपने परिवार के सात लोगों के साथ वहां रहने लगा था। यही नहीं उसने 10000 रुपये के कर्ज पर दो सिलाई मशीनें भी खरीदी थी। सुनील के परिवार को उम्मीद थी कि अब सुनील बदल जाएगा। सब ठीक हो जाएगा।
नई ज़िंदगी की शुरुआत करने में उसकी बहन ने भी उसकी मदद की थी। रस्तोगी की बहन उसके किराये के घर से कुछ दूरी पर अपने पति के साथ रहती थी। उसने सुनील को अपने घर पर सिलाई मशीन लगाने के साथ ही काम शुरु करने के लिए कुछ जगह दे दी थी। धीरे-धीरे सुनील का काम चलने लगा। ग्राहक दुकान पर आने लगे। रस्तोगी के इस बर्ताव को देखकर सबको लगा अब कुछ परेशानी नहीं है।
इस साल 14 जनवरी को एक नावालिग लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सुनील ने बताया कि रोज़मर्रा तौर पर वह बिलासपुर से दिल्ली-एनसीआर आया करता था। रुद्रपुर से बिलासपुर 2 किमी की दूरी पर है। यहां से ट्रेन पकड़ कर वह दिल्ली आया करता था, जहां अकेली नाबालिग बच्चियों को निशाना बनाया करता। वह बच्चियों से कहता कि वह उनके पापा को जानता है, ऐसी बातें कह कर वह उन्हें सुनसान जगह पर ले जाता।
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serial rapist
- फोटो : अमर उजाला
कुछ लड़कियां उसके झांसे में नहीं आती पर ज्यादातर इतनी खुशनसीब न होती जो बच जाती। अपने कबूलनामें में उसने कहा है कि उसने 600 से अधिक बच्चियों को निशाना बनाया पर पुलिस अभी इस बात को जांच रही है कि उसका कहना कितना सही है। सुनील की पत्नी के लिए ये बातें नई नहीं है। इसी सब के् चलते वो बिलासपुर आए थे। बिलासपुर आने से पहले सुनील पर नोएडा के बुद्ध विहार क्षे्त्र में एक बच्ची के साथ दुराचार का आरोप लगा था। पीड़ित बच्चियों के घरवालों ने कभी शिकायतों पर दबाव नहीं दिया। साथ ही पड़ोसी भी यही कोशिश किया करते थे कि सुनील बच जाए।