दिल्ली के सब्जी मंडी हादसे में मां के सामने ही उसके दोनों मासूम बेटे गिरती हुई इमारत में समा गए। अचानक धमाका हुआ और चारों ओर रेत का गुबार उठा। कुछ ही देर में वहां का नजारा बदला हुआ था। आयुषी को लगा कि शायद उसके बच्चे घर भाग गए हों। भागते-भागते आयुषी घर पहुंची तो वहां दोनों बेटे नहीं पहुंचे थे। बदहवास आयुषी वापस घटना स्थल पर पहुंची तो वहां का नजारा ही बदला हुआ था। अब आयुषी को लग चुका था कि दोनों बच्चे मलबे में दब गए हैं। इसका गुमान होते ही आयुषी होश खो बैठी। इस बीच पुलिस की टीम वहां पहुंच चुकी थी। पुलिस ने आयुषी को सुरक्षित पहुंचाया। बाद में करीब दो घंटे बाद दोनों बच्चों प्रशांत और सौम्य के शव मलबे से निकाले गए। आयुषी के दो ही बेटे थे। बच्चों की मौत की खबर के बाद से बार-बार आयुषी अपने होश खो रही थी।
दिल्ली में इमारत जमींदोज: मां के सामने ही गिरती हुई इमारत में समा गए उसके जिगर के टुकड़े, सड़क पार कर लेने गई थी सामान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 14 Sep 2021 01:59 AM IST
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