विवेक विहार इलाके में असामाजिक तत्वों के खिलाफ आवाज उठाने की सजा दिल्ली पुलिस के एक एसआई को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। उनकी सरेराह बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। अब बात सामने आ रही है कि आखिर टहलने निकले एक निहत्थे सब-इंस्पेक्टर की हत्या इतनी बेरहमी से पीट-पीटकर और फिर कैंची घोंपकर क्यों की गई। पढ़िए पूरा मामला...
एसआई मौत मामले में चौकाने वाला खुलासा, सामने आई बेरहमी से कत्ल की वजह
खाना खाकर टहलने निकले 58 वर्षीय एसआई राजकुमार कस्तूरबा नगर चौक पर पहुंचकर इलाके के बीसी (घोषित बदमाश) का वीडियो बनाने लगे। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने लातों-घूंसों से राजकुमार की पिटाई करना शुरू कर दी। वारदात के दौरान आरोपी ने कैंची से राजकुमार के ठोढ़ी और कमर पर हमला कर दिया। इस बीच भीड़ मौके पर तमाशबीन रही। एसआई की बेटी वैशाली को पता चला तो वह भागी हुई मौके पर पहुंची। पिता को छुड़ाकर वह घर ले गई। वहां से एसआई खुद स्कूटी लेकर अस्पताल के लिए निले, लेकिन रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई। मैक्स अस्पताल ले जाने पर एसआई को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने इस संबंध में हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी विजय उर्फ भूरी (28) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ 16 अपराधिक मामले दर्ज हैं। अप्रैल में ही भूरी जेल से जमानत पर बाहर आया है। परिवार का आरोप है कि षडयंत्र रचकर उनके पिता को मौत के घाट उतारा गया है। जानकारी के अनुसार राजकुमार अपने परिवार के साथ 28/88, कस्तूरबा नगर, विवेक विहार में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी शशि बाला, बड़ी बेटी रजनी, छोटी बेटी वैशाली और एक शादीशुदा बेटी है। रजनी कड़कड़डूमा कोर्ट में वकील है, जबकि वैशाली एमकॉम कर रही है। राजकुमार करीब 40 साल पूर्व दिल्ली में पुलिस में सिपाही भर्ती हुए थे। कई बार तरक्की होने के बाद अब वह एसआई के पद पर तैनात थे। फिलहाल उनकी तैनाती पीएस सिक्योरिटी के कम्यूनिकेशन में थी।
रविवार रात करीब 9.30 बजे राजकुमार खाना खाने के बाद अपना मोबाइल लेकर टहलने निकल गए। अभी वह चौक पर पहुंचे ही थे कि उन्होंने इलाके के बदमाश भूरी को कुछ गैर कानूनी काम करते हुए देखा। राजकुमार उसकी वीडियो बनाने लगे तो आरोपी भड़क गया और उसने राजकुमार को पीटना शुरू कर दिया। बाद भूरी नजदीक की एक दुकान से कैंची उठाकर ले आया और उसने राजकुमार पर हमला कर दिया। इधर मौके पर मौजूद लोगों ने राजकुमार को बचाने का प्रयास नही किया। किसी ने राजकुमार के घर पर उनकी पिटाई की खबर बेटी को दी तो वैशाली भागकर मौके पर पहुंची। उसने पिता को छुड़ाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसके सामने भी राजकुमार को दोबारा पीटा।
किसी तरह पिता को लेकर वैशाली घर पहुंची। राजकुमार उस समय तक होश में थे। वैशाली पिता को लेकर थाने और अस्पताल जाने के लिए निकली। स्कूटी खुद राजकुमार चला रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद वैशाली व अन्य लोग उन्हें नजदीकी ईएसआई अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। मैक्स ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।