दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बेहद खराब स्तर पर दर्ज किया गया। एनसीआर में करनाल सर्वाधिक प्रदूषित रहा, जबकि नोएडा में एक्यूआई 305 और दिल्ली में 270 दर्ज किया गया। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली सरकार ने भी नासा की तस्वीर जारी कर खेतों में जलाई जा रही पराली की तरफ ध्यान दिलाया है। दिल्ली सरकार का कहना है कि नासा द्वारा जारी हालिया तस्वीरें भी यह बताती हैं कि बड़े पैमाने पर पराली जलाई जा रही है। साथ ही सफर से प्रदूषण का आंकड़ा भी मांगा है
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ा प्रदूषण का स्तर, दिल्ली सरकार ने जारी की नासा की तस्वीर, ऐसे करें बचाव
मानकों के अनुसार एक्यूआई 100 होना चाहिए लेकिन इस वक्त शहर का एक्यूआई तीन गुना अधिक बना हुआ है। लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर की वजह से मंगलवार को गाजियाबाद शहर देश में प्रदूषित शहरों की सूची में चौथे नंबर पर रहा। जबकि करनाल देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां पर एक्यूआई-343 दर्ज किया गया।। वहीं लोनी भी प्रदूषित शहरों की सूची में छठे नंबर पर रहा। यहां पर एक्यूआई 302 रिकॉर्ड किया गया।
अधिकारियों की मानें तो एक्यूआई में सबसे ज्यादा पोल्यूटेंट इस वक्त 2.5 के हैं। पीएम दस के मुकाबले इस वक्त पीएम 2.5 है। जो कि सेहत के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, इंदिरापुरम में सोमवार रात नौ बजे से मंगलवार को 12 बजे तक पीएम 2.5 रेड जोन में रहा। सुबह नौ बजे पीएम 2.5 का स्तर सबसे अधिक 367 दर्ज किया गया, जो कि मानकों से छह गुना अधिक है। पीएम 10 भी सुबह 10 बजे करीब सर्वाधिक 387 दर्ज हुआ, जो कि मानकों से करीब साढ़े तीन गुना अधिक है।
एनसीआर के शहरों का एक्यूआई
करनाल 343
पानीपत 336
गाजियाबाद 308
नोए़डा 305
ग्रेटर नोएडा 302
फरीदाबाद 294
दिल्ली 270
गुरुग्राम 240
प्रदूषण के दौरान घर से कम निकले बाहर
गाजियाबाद शहर की हवा बेहद खराब है। एक्यूआई रेड जोन में है। डॉक्टरों की मानें तो इस वक्त घर हो या बाहर दोनों ही जगह में बिना पर्सनल प्रोटेक्टिव डिवाइस के रहने से सांस संबंधित बीमारी का लोग शिकार हो सकते हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे समय कम से कम बाहर निकले। बाहर निकले तो एन-95 मास्क का प्रयोग करें। घर में भी हवा को साफ रखने के लिए चिमनी, एग्जास्ट चलाकर रखे।