दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के दिन यानी 16 अप्रैल को जिस तरह से बवाल हुआ, उसके बाद आज जो अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दिल्ली नगर निगम द्वारा की गई उससे पूरे दिन हलचल रही। दिल्ली नगर निगम ने हिंसा वाली जगह पर बुलडोजर की कार्रवाई करने के लिए मंगलवार को ही दिल्ली पुलिस से 400 सुरक्षाकर्मी मांगे थे। ताकि बिना किसी बाधा के अतिक्रमण हटाने का कार्य किया जा सके। इसके लिए पुलिस ने भी हामी भर दी थी। इसके बाद से ही यहां जिन लोगों ने अवैध अतिक्रमण किया था, वह सुबह से अपना सामान हटाने में लगे हुए थे।
नगर निगम की कार्रवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि कोर्ट के ऑर्डर के बाद भी बुलडोजरों ने अपना कार्य जारी रखा। 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दंश से इलाका अभी उबर नहीं पाया था कि बुलडोजर की इस कार्रवाई ने लोगों की रोजी-रोटी पर एक बार फिर प्रहार किया है। आगे तस्वीरों में देखें और पढ़ें पूरे दिन का घटनाक्रम...
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जहांगीरपुरी में चला बुलडोजर
- फोटो : एएनआई
सुबह 10:00 से 10:15 के बीच जहांगीरपुरी इलाके में नगर निगम के कई बुलडोजर पहुंचे। यहां सड़कों पर हुए अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया। कई लोगों की 15 से 30 साल पुरानी दुकानें तक तोड़ दी गईं।
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जहांगीरपुरी में चला बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम की अपनी कार्रवाई कर ही रहा था कि इतने में सुबह करीब 10.45 बजे सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्रवाई के खिलाफ डाली गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जहांगीरपुरी में गुरुवार तक यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश दे दिए। यह खबर पत्रकारों के माध्यम से अधिकारियों को लगी तो उन्होंने कहा कि उन्हें जब कोर्ट का आदेश मिलेगा तो वह उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे।
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जहांगीरपुरी में चला बुलडोजर
- फोटो : भूपिंदर सिंह
कोर्ट के आदेश के बाद कुछ देर के लिए जहांगीरपुरी में ध्वस्तीकरण का कार्य जरूर धीमा हुआ लेकिन इसके बाद फिर से बुलडोजरों ने जोरों से अवैध अतिक्रमण को हटाना शुरू कर दिया। जब निगम के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होने कहा कि अब तक आदेश की कॉपी नहीं मिली है, जब मिलेगी तो कार्रवाई रुकेगी।
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जहांगीरपुरी में चला बुलडोजर
- फोटो : भूपिंदर सिंह
वहीं जब स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक से पूछा गया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई क्यों जारी है तो वह बोले कि पुलिस तो यहां सिर्फ निगम को सपोर्ट और उसकी सुरक्षा के लिए है। यह कार्रवाई निगम ही रोकेगी वह कुछ नहीं कह सकते।
तस्वीर में जिस गुप्ता जूस कॉर्नर को आप टूटते देख रहे हैं उसके लिए दुकान मालिक को डीडीए से परमिशन मिली है, इसके बावजूद निगम ने इसे तोड़ दिया। दुकान के मालिक का आरोप है कि वह पूरे समय निगम के कर्मियों से कागज देखने के लिए गुहार लगाते रह गए लेकिन उनकी एक न सुनी गई।