दिल्ली में पहली बार हुई 2015 की ये पांच नयी बातें
यूं तो देश और दुनिया के किसी भी हिस्से में अगर कुछ नया होता है तो वह लोगों के दिल और दिमाग या नजरों तक पहुंच ही जाता है। लेकिन बात अगर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हो, तो घटना या मुद्दा दिल और दिमाग के साथ जुबां पर होता है। साल 2015 में भी दिल्ली में ऐसी कई बातें हुई जो गली और चौराहों पर चर्चाओं का हिस्सा बनी और जमकर सुर्खियां बटोरी। इन घटनाओं में अहम बात यह रही कि ये दिल्ली में पहली बार देखने को मिली, तो आइए जानते हैं कि आखिर क्या हैं दिल्ली में पहली बार हुई ये नई बातें।
दिल्ली में पहली बार हुई 2015 की ये पांच नयी बातें
दिल्ली में पहली बार यमुना महाआरती हुई-
बनारस और हरिद्वार में रोज शाम को होने वाली गंगा की महाआरती सबने देखी और सुनी थी। लेकिन इस बार दिल्ली में यमुना आरती की शुरूआत हुई। 13 नवंबर को यमुनाघाट पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और जल व पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा दिल्ली में पहली यमुना आरती के साक्षी बन इस आरती को बनारस से आए महंतो ने सफल बनाया।
दिल्ली में पहली बार हुई 2015 की ये पांच नयी बातें
दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास गीता घाट पर सम्पंन्न हुई आरती बनारस से बुलाए गए 108 पंडितों ने कराई। आरती के दौरान सैकड़ों लोगों के नदी में परछाईं बनने का बड़ा ही विहंगम दृश्य देखने को मिला। नदी के किनारे बनाई यमुना की मूर्ति-कार्यक्रम स्थल के नजदीक रेत से यमुना की बड़ी मूर्ति बनाई गई थी। इस पर क्लीन यमुना अभियान लिखा गया था। खास बात यह रही कि यमुना की मूर्ति खास तौर से उड़ीसा से बुलाए गए कलाकारों ने तैयार की थी।
दिल्ली में पहली बार हुई 2015 की ये पांच नयी बातें
दिल्ली में पहला कार फ्री डे-
राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 22 अक्टूबर को पहली बार दिल्ली में कार फ्री डे का आयोजन किया गया। इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने लाल किले से साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई और अपने मंत्रियों के साथ साइकिल दौड़ाई। केजरीवाल ने इस मौके पर दिल्लीवालों से कहा कि राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हमें साइकिल का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। यह तभी संभव होगा जब हम दिल्ली की सड़कों को गाड़ियों से मुक्त करा सकें।
दिल्ली में पहली बार हुई 2015 की ये पांच नयी बातें
इस दौरान कार फ्री डे पर दोपहर 12 बजे तक लाल किले से इंडिया गेट तक की सड़कों को वाहनों से मुक्त रखने का फैसला किया गया था। आम लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए रूटीन बसों के अलावा अतिरिक्त बसें चलाई गई। ऑटो यूनियन ने फ्री राइड की सुविधा दी। इसके अलावा रजिस्टर्ड ई-रिक्शा चालकों को भी बुलाया गया। कार फ्री डे पूरी दिल्ली में अब अलग-अलग रूट पर प्रत्येक माह की 22 तारीख को मनाया जा रहा है।