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Delhi Election Result: नतीजों को यूं समझिए... शराब, शीशमहल और जहरीली यमुना आप पर भारी, भाजपा की रणनीति कारगर
Sun, 09 Feb 2025 11:14 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 09 Feb 2025 11:14 AM IST
सार
दिल्ली में 26 साल बाद भाजपा का सियासी वनवास खत्म हो गया। आप का किला ढह गया है। झाडू तिनका-तिनका बिखर गई। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और नंबर दो रहे मनीष सिसोदिया को करारी हार मिली है।
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Delhi Election Result
- फोटो : पीटीआई
राजधानी दिल्ली में भाजपा का 26 साल का वनवास समाप्त हो चुका है। प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा ने राजधानी में वापसी की है। बीते 10 साल से दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी का किला ढह गया। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सरकार में नंबर दो रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत कई मंत्री और पार्टी के दिग्गज नेताओं ने अपनी सीट गंवाई।
भाजपा की जीत का जश्न
- फोटो : पीटीआई
लोकसभा नतीजों के बाद भाजपा ने पकड़ी जीत की रफ्तार
लोकसभा चुनाव में अकेले स्पष्ट बहुमत न आने से राजनीतिक गलियारों में माना जाने लगा था कि भाजपा के विजयरथ में बाधाएं आएंगी। आप समेत विपक्षी दल इसे लेकर अति आत्मविश्वास में आ गए। वहीं, भाजपा ने जमीनी मेहनत से हरियाणा, महाराष्ट्र और अब दिल्ली में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पीएम मोदी की लोकप्रियता को कम आंकने वालों को इन नतीजों से झटका लगा है।
लोकसभा चुनाव में अकेले स्पष्ट बहुमत न आने से राजनीतिक गलियारों में माना जाने लगा था कि भाजपा के विजयरथ में बाधाएं आएंगी। आप समेत विपक्षी दल इसे लेकर अति आत्मविश्वास में आ गए। वहीं, भाजपा ने जमीनी मेहनत से हरियाणा, महाराष्ट्र और अब दिल्ली में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पीएम मोदी की लोकप्रियता को कम आंकने वालों को इन नतीजों से झटका लगा है।
दिल्ली विधानसभा में भाजपा की जीत के बाद प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओ और पार्टी के नेताओं ने मनाय
- फोटो : विवेक निगम
धारणाएं सुधारने में महारत, वेतन आयोग व आयकर छूट से लाभ
केंद्र में सरकार और नगर निगमों पर नियंत्रण के बावजूद दिल्ली की सत्ता के लिए भाजपा का संघर्ष ऐतिहासिक रहा। भाजपा ने बनी धारणाएं सुधारने की महारत से आप को पटखनी दी। धार्मिक ध्रुवीकरण से दूरी बनाई, पूरा चुनाव केजरीवाल व आप के भ्रष्टाचार मुद्दे पर लड़ा। शराब व शीशमहल की काट आप को नहीं मिली। इसी दौरान, केंद्र ने 8वें वेतन आयोग की घोषणा की। बजट में मध्य वर्ग को आयकर छूट की घोषणा से भाजपा ने जीत की ओर दौड़ लगा दी।
केंद्र में सरकार और नगर निगमों पर नियंत्रण के बावजूद दिल्ली की सत्ता के लिए भाजपा का संघर्ष ऐतिहासिक रहा। भाजपा ने बनी धारणाएं सुधारने की महारत से आप को पटखनी दी। धार्मिक ध्रुवीकरण से दूरी बनाई, पूरा चुनाव केजरीवाल व आप के भ्रष्टाचार मुद्दे पर लड़ा। शराब व शीशमहल की काट आप को नहीं मिली। इसी दौरान, केंद्र ने 8वें वेतन आयोग की घोषणा की। बजट में मध्य वर्ग को आयकर छूट की घोषणा से भाजपा ने जीत की ओर दौड़ लगा दी।
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दिल्ली विधानसभा में भाजपा की जीत के बाद प्रदेश कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओ ने अरविन्द केजरीवाल के
- फोटो : विवेक निगम
आम चुनाव के बाद कमजोर कांग्रेस
कांग्रेस ने आम चुनाव में 99 सीटें जीत भाजपा को बहुमत से तो रोक दिया, पर उसके बाद लगातार नीचे जा रही है। हरियाणा, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में उम्मीद से कम प्रदर्शन किया। अब दिल्ली में भी हार की हैट्रिक लगाई।
कांग्रेस ने आम चुनाव में 99 सीटें जीत भाजपा को बहुमत से तो रोक दिया, पर उसके बाद लगातार नीचे जा रही है। हरियाणा, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में उम्मीद से कम प्रदर्शन किया। अब दिल्ली में भी हार की हैट्रिक लगाई।
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दिल्ली विधानसभा में भाजपा की जीत के बाद प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओ और पार्टी के नेताओं ने मनाय
- फोटो : विवेक निगम
मुस्लिमों का समर्थन ही पर्याप्त नहीं
दिल्ली चुनाव में भाजपा ने हिंदुत्व पर अधिक जोर नहीं दिया, तो मुसलमानों को आकर्षित करने की भी कोशिश नहीं की। नतीजों से लगता है कि मुस्लिमों ने आप के नरम हिंदुत्व को नजरअंदाज किया और भाजपा को भी वोट दिया। लेकिन आप या किसी भी पार्टी के लिए दिल्ली में चुनाव जीतने के लिए सिर्फ मुसलमानों का समर्थन ही पर्याप्त नहीं है।
दिल्ली चुनाव में भाजपा ने हिंदुत्व पर अधिक जोर नहीं दिया, तो मुसलमानों को आकर्षित करने की भी कोशिश नहीं की। नतीजों से लगता है कि मुस्लिमों ने आप के नरम हिंदुत्व को नजरअंदाज किया और भाजपा को भी वोट दिया। लेकिन आप या किसी भी पार्टी के लिए दिल्ली में चुनाव जीतने के लिए सिर्फ मुसलमानों का समर्थन ही पर्याप्त नहीं है।