एक गलती ने पकड़वाया डॉक्टर गरिमा का कातिल, व्हॉट्सऐप चलाना पड़ा भारी
गरिमा की हत्या करने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल तो बंद कर लिया, लेकिन बार-बार मोबाइल ऑन कर व्हॉट्सऐप चेक करने और परिजनों से बातचीत करने के चक्कर में उसने अपनी लोकेशन का सुराग पुलिस को दे दिया। बुधवार सुबह चंद्र प्रकाश ने जैसे ही अपनी मां से बातचीत की, उसी समय पुलिस को उसके उत्तराखंड में होने का पता चल गया।
इसके बाद आरोपी लगातार कभी हरिद्वार, कभी ऋषिकेश तो कभी रुड़की में अपनी लोकेशन बदलता रहा, लेकिन बार-बार उसके मोबाइल ऑन करने से पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चलता रहा और पुलिस शुक्रवार को उस तक पहुंच गई। पुलिस को ऋषिकेश के उस होटल की सीसीटीवी फुटेज भी मिल गई, जहां पर चंद्र प्रकाश रुका हुआ था।
शुक्रवार को जब पुलिस ने आरोपी को दबोचा तो वह फूट-फूटकर रोने लगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को अब अपने किए पर पछतावा हो रहा है। वह पुलिस की गिरफ्त में आकर अपने परिवार को परेशान नहीं करना चाहता था। चंद्र प्रकाश का कहना है कि यदि वह आत्महत्या कर लेता तो उसके परिवार को इससे निजात मिल जाती, लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही दबोच लिया।
यह है मामला
दिल्ली के रंजीत नगर में गोरखपुर की डॉ. गरिमा की हत्या कर दी गई थी। बीते मंगलवार की रात 11 बजे गरिमा का फोन नहीं उठने पर दिल्ली के शेख सराय में रहने वाले बुआ के लड़के शिवेंद्र पांडेय फ्लैट पर पहुंचे थे। वहां गरिमा का खून से लतपथ शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी।