31 दिसंबर की रात को जब पूर्व जेडीयू विधायक राजू सिंह के फार्महाउस पर नए साल का जश्न चल रहा था और नेताजी पूरे रंग में थे। बंदूक लिए वह हर्ष फायरिंग की पूरी तैयारी में था। गोलियां चलाने से कुछ समय पहले ही अर्चना गुप्ता व कुछ अन्य लोगों ने पूर्व विधायक के पास जाकर एक विनती की थी। उस समय अर्चना को नहीं पता था कि ये उसके आखिरी शब्द होंगे।
गोली लगने से चंद मिनट पहले ही अर्चना ने पूर्व विधायक से कही थी ऐसी बात, सुन लेते तो जिंदा होती
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31 दिसंबर को पूर्व विधायक राजू सिंह की गोली से घायल हुई अर्चना गुप्ता की आज (3 जनवरी) फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शायद अगर राजू सिंह ने अर्चना और पार्टी में आए अन्य लोगों की बात मान ली होती तो अर्चना आज जिंदा होती। बात उस भयावह रात की है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार राजू सिंह अपनी पिस्तौल के साथ फायरिंग करने के लिए तैयार था तभी अर्चना व अन्य मेहमानों ने पूर्व विधायक के पास जाकर विनती की थी कि "आपकी पुरानी आदत है, पहले बता देना। हम लोग दूर हट जाएंगे।"
पुलिस के अनुसार, जैसे ही वो लोग ये बात कहकर वहां से हटे अर्चना के सिर के पीछे के हिस्से में एक गोली आकर लग गई। वह गोली सिर की हड्डी में ही अटक गई थी, जिसकी वजह से उनका ब्रेन-डेड हो चुका था। आज डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यही वजह थी कि अर्चना का परिवार पहले ही उनके अंगदान का फैसला कर चुका था कि अगर उनकी मृत्यु हो जाती है तो उनके अंगदान कर दिए जाएंगे।
अर्चना के जेठ वीनीत बंसल ने बताया कि वह पूरे परिवार में सबसे ज्यादा मिलनसार थी। अर्चना काम और घर दोनों में कुशल मैनेजर थी। अर्चना ही घर में वो शख्स थी जो परिवार के लोगों के जन्मदिन और शादी की सालगिरह याद रखती थी और पार्टी का इंतजाम किया करती थी। यही नहीं वह नए साल में एक पारिवारिक गेट-टूगेदर का प्लान भी कर रही थी।
अर्चना अपने पति की कंपनी केपीडीके बिल्डटेक में वाइस प्रेसीडेंट थी और कुछ दिन पहले ही एक विदेशी दौरे से लौटी थी। वह राजू सिंह की पार्टी में अपने बच्चों के साथ गई थी। अर्चना आर्किटेक्ट हैं और उनका कार्यालय पर्यावरण कॉम्पलेक्स, महरौली में है। वहीं पुलिस के अनुसार गोली महिला के सिर की हड्डी में फंसी हुई थी। अर्चना के सिर से गोली नहीं निकाली जा सकी।